सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी की क्षेत्रीय पीठों के संकट पर 8 सितंबर से पहले सुनवाई तय की
बार एसोसिएशन ने बताया कि सदस्यताओं की कमी से एनजीटी की तीन क्षेत्रीय पीठें पूरी तरह ठप हो सकती हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर 8 सितंबर से पहले सुनवाई करने की स्वीकृति दी। इस कदम से पहले मामला 15 सितंबर को निर्धारित था; अब यह निर्णय संभावित कार्यात्मक बंदी को रोकने के लिए जल्द सुनवाई को सुनिश्चित करेगा।

सौजन्य से:- jagran.com
एनजीटी की क्षेत्रीय पीठों पर संकट, सुप्रीम कोर्ट 8 सितंबर से पहले करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सदस्यों के कार्यकाल से जुड़ी याचिका पर 8 सितंबर से पहले सुनवाई करने पर सहमति जताई है।
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट 8 सितंबर से पहले एनजीटी मामले की सुनवाई करेगा।
- सदस्यों की कमी से तीन क्षेत्रीय पीठों के बंद होने का खतरा।
- एनजीटी बार एसोसिएशन ने तत्काल सुनवाई की मांग की थी।
पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सदस्यों के कार्यकाल से जुड़ी याचिका पर आठ सितंबर से पहले सुनवाई करने पर सोमवार को सहमति जता दी।
यह मामला 15 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन बार एसोसिएशन के यह कहने के बाद कि पर्याप्त सदस्यों की कमी के कारण एनजीटी की तीन क्षेत्रीय पीठ पूरी तरह से ठप हो सकती हैं, सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जायमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने इस मामले में पहले सुनवाई का फैसला किया।
एनजीटी बार एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सदस्यों का कार्यकाल केवल आठ सितंबर तक ही बढ़ाया था।
इस तारीख के बाद दक्षिणी जोन, पश्चिमी जोन समेत तीन जोनल पीठ काम करना बंद कर सकती हैं।
तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए वकील ने कहा कि एनजीटी अधिनियम के तहत एक सदस्य वाली बेंच का प्रविधान नहीं है। ऐसे में अगर सदस्यों का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया गया या नई नियुक्तियां नहीं हुईं तो संबंधित बेंच काम नहीं कर पाएंगी।
सीजेआई न्यायाधीश ने कहा कि अब नया कानून लागू है। वकील ने उत्तर दिया कि नए कानूनी ढांचे के तहत नियुक्तियां रातोंरात नहीं की जा सकतीं। जब तक नई नियुक्तियां नहीं होतीं तीन क्षेत्रीय बेंच पूरी तरह से ठप हो जाएंगी सभी मामलों को दिल्ली में मुख्य पीठ को सुनना होगा।
यह भी बताया गया कि हालांकि अभी दिल्ली में एनजीटी की मुख्य पीठ के तहत दो पीठ हैं, लेकिन उनमें से एक आठ सितंबर के बाद काम करना बंद कर देगी। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश ने कहा, तब हम इस मामले को आठ सितंबर से पहले सूचीबद्ध कर सकते हैं।
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