मुजफ्फरपुर में 81,751 मामले सुलझेंगी: 58 बेंचों से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
12 सितंबर को मुजफ्फरपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पहल से 58 विशेष बेंचों वाली राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जाएगी, जिसका उद्देश्य 81,751 चालू मामलों को आपसी समझौते से निपटाना है। हर बेंच में एक न्यायिक अधिकारी और एक वरिष्ठ वकील होंगे, और ट्रैफिक उल्लंघन के लिए 13 अतिरिक्त बेंचें भी लगाई गई हैं।

सौजन्य से:- bhaskar.com
- Hindi News
- Local
- Bihar
- Muzaffarpur
- Muzaffarpur National Lok Adalat | 58 Benches To Settle Legal Cases
मुजफ्फरपुर में 81 हजार से अधिक मामले सुलझेंगे:58 विशेष बेंचों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन; हर बेंच में एक न्यायिक अधिकारी, एक सीनियर वकील होंगे
- कॉपी लिंक
मुजफ्फरपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जाएगी। यह अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकार की तरफ से कचहरी परिसर और सिकंदरपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में लगेगी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इसके लिए कुल 58 खास बेंच बनाई हैं।
इस अदालत का मकसद 81 हजार 751 मामलों को आपसी समझौते से निपटाना है। इस कानूनी पहल में हर बेंच में एक न्यायिक अधिकारी और एक सीनियर वकील होंगे। ये दोनों पक्षों के बीच सुलह कराकर मामले सुलझाएंगे।
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों के लिए सिकंदरपुर स्टेडियम में 13 अलग बेंच
शहर में बढ़ते ट्रैफिक और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों के लिए सिकंदरपुर स्टेडियम में 13 अलग बेंच लगाई गई हैं। ये बेंच सिर्फ ट्रैफिक चालान के मामले निपटाएंगी।
लोक अदालत में कुल 68 हजार 768 मामले ऐसे हैं जो अभी तक कोर्ट नहीं पहुंचे हैं। इसके अलावा, 22 हजार 983 मामले वे हैं जो पहले से अदालतों में चल रहे हैं।
इस एक दिन की राष्ट्रीय लोक अदालत में आम लोगों से जुड़े कई तरह के दीवानी और सुलह वाले आपराधिक मामले निपटाए जाएंगे। इनमें ट्रैफिक चालान, वन विभाग के झगड़े, बैंकों की कर्ज वसूली, माप-तौल के मामले, बिजली बिल के विवाद, बीएसएनएल के बकाया बिल, चेक बाउंस और मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल से जुड़े मुआवजे के दावे शामिल हैं।
समय पर आकर इस अदालत का फायदा उठाने की अपील
विधिक सेवा प्राधिकार ने आम लोगों और शिकायतकर्ताओं से अपील की है कि वे समय पर आकर इस अदालत का फायदा उठाएं। लोक अदालत के फैसलों के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती। इससे समय और पैसे की बचत होती है, साथ ही सालों पुराना झगड़ा भी हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिगों के सोशल‑मीडिया एग्रीमेंट को अवैध कहा, सरकार को ढांचा बनाने का निर्देश

एलपीयू में दंगे पर हाईकोर्ट में पीआईएल, सीबीआई जांच की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने माँगी: बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर नियम बनाये जाएँ

सुप्रीम कोर्ट ने RCA चुनाव परिणाम पर रोक लगाई, राजस्थान AAG को हस्तक्षेप का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने रैगिंग‑बुलिंग रोकथाम हेतु केंद्रीय कानून की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया

मकराना में 10 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय लोक अदालत, लंबित मामलों का समाधान होगा

सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार की एकतरफ़ा कार्यवाही पर प्रश्न उठाते हुए निलंबन याचिका को शीघ्र सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया

सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते CEC ज्ञानेश कुमार के निर्णयों पर उठाए गए सवालों की सुनवाई करेगा
ताज़ा ख़बरें
- SC अगले हफ्ते ग्यानेश कुमार की निर्णय प्रक्रिया पर उठे सवालों की सुनवाई करेगा
- सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका को सूचीबद्ध किया, सुनवाई अगले हफ्ते
- सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी ग्यानेश कुमार के विरुद्ध क्वो वर्न्टो याचिका सुनने का निर्णय लिया
- सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पर न्यूनतम आयु 18 के नियम बनाने को केंद्र को कहा
- सुप्रीम कोर्ट ने पूछी: बच्चे सोशल मीडिया पर कैसे खाता रख सकते हैं जब कॉन्ट्रैक्ट अवैध है
- दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट के पद के लिए कलीजियम ने सिफ़ारिश की
- हाईकोर्ट ने माँगा सरकार से आवारा कुत्तों पर कार्रवाई का विवरण, 15,000 नसबंदी‑टीकाकरण रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी
- सरकारी वकीलों के लिए नया ढांचा: 2026 के अध्यादेश से नई भूमिका और लाभ

