सुप्रीम कोर्ट के बाद राहत, 9,217 प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड‑1 का लाभ
झारखंड में 1987, 1988, 1994 और 1999‑2000 में नियुक्त 9,217 प्राथमिक शिक्षकों को अब नियुक्ति तिथि के आधार पर ग्रेड‑1 वेतन और पारस्परिक वरीयता दी जाएगी; यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के खारिज फैसले के बाद हाईकोर्ट के पूर्व आदेश को बरकरार रखते हुए आया है, और वास्तविक आर्थिक लाभ 15 नवंबर 2000 से लागू होगा, जिससे आगे ग्रेड‑2 की पात्रता पर भी असर पड़ेगा।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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सुप्रीम कोर्ट तक चला केस, अब राहत:राज्य के 9,217 प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से मिलेगा ग्रेड-1 का लाभ
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राज्य के 9,217 प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 का लाभ मिलेगा। इसके साथ उसी आधार पर पारस्परिक वरीयता भी तय होगी।
एकीकृत बिहार के समय नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों के इस करीब एक दशक पुराने मामले में अब फिर प्रक्रिया शुरू हुई है।
स्कूली शिक्षा विभाग के निर्देश के आलोक में डीएससी, रांची ने सभी क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारियों, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों से 30 सितंबर तक उन शिक्षकों के प्रस्ताव मांगे हैं, जिन्हें पूर्व में विभागीय संकल्प के तहत यह लाभ नहीं मिल पाया था।
इस व्यवस्था के दायरे में 1987, 1988, 1994 और 1999-2000 में नियुक्त 9,217 प्राथमिक शिक्षक हैं। इनमें 1987 बैच के 128, 1988 के 2,214, 1994 के 4,500 और 1999-2000 बैच के 2,375 शिक्षक शामिल हैं।
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नियुक्ति के समय अप्रशिक्षित थे, इसपर था विवाद
मामला उन शिक्षकों का है, जिनकी नियुक्ति 1987, 1988, 1994 और 1999-2000 में हुई थी और नियुक्ति के समय वे अप्रशिक्षित थे। विवाद इस बात को लेकर था कि उनकी ग्रेड-1 की वरीयता और लाभ नियुक्ति तिथि से माना जाए या प्रशिक्षण प्राप्त करने की तारीख से।
शिक्षकों का तर्क था कि प्रशिक्षण में देरी उनकी वजह से नहीं हुई। इसी मुद्दे पर न्यायिक लड़ाई चली। झारखंड हाईकोर्ट के अरुण सिन्हा मामले के फैसले को डिवीजन बेंच ने बरकरार रखा और राज्य की एसएलपी भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी।
चार बैच के शिक्षकों को होगा सीधा लाभ
1987 के 128 शिक्षक: ग्रेड-1 का वेतनमान नियुक्ति तिथि से तय होगा। वास्तविक आर्थिक लाभ 15 नवंबर 2000 से मिलेगा। 1987 से 15 नवंबर 2000 तक की अवधि वेतन निर्धारण में शामिल होगी।
1988 के 2,214 शिक्षक: नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 और उसी आधार पर पारस्परिक वरीयता मिलेगी। वास्तविक आर्थिक लाभ 15 नवंबर 2000 से मिलेगा।
1994 के 4,500 शिक्षक: नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 और पारस्परिक वरीयता का लाभ मिलेगा। 2015 के निर्णय में इन शिक्षकों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया था। एरियर की गणना में 15 नवंबर 2000 कटऑफ रहेगा।
1999-2000 के 2,375 शिक्षक: नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 मिलेगा। राज्य गठन के आसपास नियुक्ति होने के कारण वास्तविक एरियर की अवधि अन्य बैचों की तुलना में कम हो सकती है। अंतिम राशि सटीक नियुक्ति/योगदान तिथि और पूर्व वेतन निर्धारण के आधार पर निकलेगी।
आगे क्या... सबसे बड़ा आर्थिक असर ग्रेड-2 में… 2021 के विभागीय स्पष्टीकरण में ग्रेड-1 नियुक्ति तिथि से और 12 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद ग्रेड-2 देने की व्यवस्था स्पष्ट की गई थी। निर्धारित अवधि में प्रशिक्षण पूरा करने की शर्त लागू होगी। हाईकोर्ट ने ग्रेड-2 को वित्तीय प्रोन्नति वाला लाभ माना है।
इसलिए ग्रेड-1 के लिए नियुक्ति तिथि मानने का असर आगे ग्रेड-2 की पात्रता पर भी पड़ेगा। हालांकि लाभ स्वतः नहीं मिलेगा। नियुक्ति वर्ष, नियुक्ति प्रक्रिया, प्रशिक्षण, सेवा अभिलेख और संबंधित विभागीय शर्तों की जांच के बाद पात्रता तय होगी।
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