सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले मेरठ के व्यापारियों में दहशत
मेरठ के सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले व्यापारियों में भय का माहौल है, लगभग 90 प्रतिशत दुकानें पहले ही बंद हो चुकी हैं और व्यापारियों ने बाजार बंद रखा। महिलाओं ने धरना जारी रखा और सुंदरकांड का पाठ कर अपने घरों की सुरक्षा की प्रार्थना की।

सौजन्य से:- Amar Ujala
मेरठ सेंट्रल मार्केट मामला: सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई, व्यापारियों में भय, 90 फीसदी दुकानें बंद-विरोध जारी
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सुनवाई से पहले व्यापारियों में भय का माहौल है। बाजार बंद रहा, महिलाओं ने धरना और सुंदरकांड का पाठ किया, जबकि परिषद की टीम ने सर्वे और वीडियोग्राफी जारी रखी।
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विस्तार
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट से जुड़े मामले में मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई से पहले व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। बाजार में भय और अनिश्चितता का माहौल है। रविवार को भी आवास एवं विकास परिषद की टीम ने क्षेत्र का सर्वे और वीडियोग्राफी कराई। वहीं सेक्टर-दो और तिरंगा चौक व्यापार संघ ने बाजार बंद रखा। महिलाओं ने धरना जारी रखते हुए सुंदरकांड का पाठ कर अपने घरों की सुरक्षा की प्रार्थना की।
लगभग 90 प्रतिशत दुकानें पहले ही हो चुकी हैं बंद
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद सेंट्रल मार्केट में घरों में संचालित लगभग 90 प्रतिशत दुकानें बंद हो चुकी हैं। परिषद लगातार सर्वे और नोटिस की कार्रवाई कर रही है, जिससे व्यापारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है।महिलाओं ने कहा कि यह हजारों परिवारों की आजीविका और जीवनभर की जमा पूंजी का सवाल है।
उन्होंने न्यायपालिका से राहत मिलने की उम्मीद जताते हुए कहा कि व्यापार पहले ही बंद कर दिया गया है, अब मकानों को बचाया जाए। उनका कहना है कि कई मकान बेहद पतली दीवारों पर बने हैं और सेटबैक की कार्रवाई से उनके गिरने का खतरा है।
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आज होगा रुद्राभिषेक और सर्वधर्म प्रार्थना
व्यापारी नेता राहुल मलिक ने बताया कि सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे रुद्राभिषेक और श्रीराम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया जाएगा। इसके बाद दोपहर साढ़े बारह बजे सर्वधर्म सामूहिक प्रार्थना आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न धर्मों के लोग शामिल होकर न्याय की प्रार्थना करेंगे।कुछ महिलाओं ने कहा कि मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही धरना समाप्त करने पर निर्णय लिया जाएगा।
सुनवाई से पहले बढ़ी चिंता
सर्वोच्च न्यायालय ने 17 दिसंबर 2024 को शास्त्रीनगर स्कीम नंबर सात के आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। इसके बाद पिछले वर्ष एक व्यावसायिक परिसर को ध्वस्त किया गया था। इसी वर्ष आठ अप्रैल को परिषद ने 44 भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की थी।
लगातार नोटिस, सर्वे और वीडियोग्राफी के कारण व्यापारियों में भविष्य को लेकर असमंजस और भय का माहौल बना हुआ है। सभी की निगाहें अब मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।
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