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प्रशासनिक विफलता और पुलिस पर पड़ने वाला असर

पुलिस पर पड़ने वाला बोझ कम करने के लिए राजस्व विभाग में सुधार की आवश्यकता पर चर्चा

Nyaya Desk9 जून 2026 को 05:27 pm बजे
प्रशासनिक विफलता और पुलिस पर पड़ने वाला असर

आमतौर पर देश में जब भी कानून-व्यवस्था चरमराती है या अपराध का ग्राफ ऊपर जाता है, तो जनमानस और मीडिया का सारा गुस्सा स्वाभाविक रूप से पुलिस महकमे पर फूटता है। लेकिन कानून के एक छात्र के रूप में जब हम इस संकट की गहराई में उतरते हैं, तो एक कड़वा प्रशासनिक सच सामने आता है— पुलिस अक्सर उस अपराध की सज़ा भुगतती है, जिसका बीजारोपण राजस्व विभाग और उप-जिलाधिकारी कार्यालयों की चौखट पर होता है।

सूत्र: अली हम्माद के लेख के अनुसार, भारत के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में होने वाले लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिंसक विवादों की जड़ में ज़मीन, मकान, पैमाइश या चकबंदी जैसे मामले होते हैं। यह वह ज़मीन है जहां न्याय की उम्मीद में एक आम नागरिक सालों-साल तहसील के चक्कर काटता है। जब प्रशासनिक सुस्ती, लालफीताशाही और निचले स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण उसे समय पर न्याय नहीं मिलता, तो वही कानूनी विवाद आगे चलकर एक खूनी संघर्ष का रूप ले लेता है।

#पुलिस सुधार#प्रशासनिक विफलता#राजस्व विभाग

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