सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में याचिकाकर्ता को पत्र जमा करने को कहा
एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सीबीआई जांच की मांग की, लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।

सौजन्य से:- Jansatta
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। एक याचिकाकर्ता ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि रजिस्ट्री में एक पत्र जमा करें जिसमें मामले की तत्काल सुनवाई की जरूरत का जिक्र किया जाए।
अधिवक्ता अनूप अवस्थी ने जल्द सुनवाई को मांग को लेकर याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया की रजिस्ट्री ने संकेत दिया है कि मामला कोर्ट की छुट्टियों के बाद ही लिस्ट किया जाएगा। याचिकाकर्ता ने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ तब तक छेड़छाड़ की आशंका भी जताई है। हालांकि फिर भी कोर्ट ने कहा कि वह तत्काल सुनाई की जरूरत का जिक्र करते हुए एक पत्र दे ताकि कोर्ट इस पर विचार करें।
जिस तरह से राज्य इस मामले से निपट रहा, उससे संदेह पैदा होता- याचिकाकर्ता
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि मंदिर के धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित आरोप गंभीर हैं और उन पर तत्काल विचार करने की आवश्यकता है। हालांकि जस्टिस सुंदरेश ने मामले की तुरंत सुनवाई पर सवाल उठाया। जब उनसे पूछा गया कि मामले की तत्काल सुनवाई की आवश्यकता क्यों है, तो याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि जिस तरह से राज्य इस मामले से निपट रहा है, उससे संदेह पैदा होता है।
याचिका में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भक्तों और दानदाताओं के हितों की रक्षा के लिए उचित उपाय करने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि धन की गुमशुदगी और अन्य अनियमितताओं के आरोप सिद्ध हों या न हों, इन रिपोर्ट्स ने राम मंदिर आंदोलन में योगदान देने वाले या उसका समर्थन करने वालों के बीच चिंता पैदा कर दी है।
8 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सुर्खियों में है। इस मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी हो चुका है।
आरोपियों की ओर से पेश होने वाले वकीलों को चेतावनी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अयोध्या बार एसोसिएशन ने एक बैठक की। इस बैठक में फैसला लिया गया कि अगर कोई भी वकील आरोपियों की तरफ से कोर्ट में पेश होता है तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने यह जानकारी दी।
अयोध्या बार एसोसिएशन ने फैसला किया है कि जिले का कोई भी वकील राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। इससे अब आरोपियों को वकील मिलने की संभावना कम हो गई है। कालिका प्रसाद ने बताया कि साल 2005 में भी अयोध्या के वकीलों ने ऐसा ही फैसला लिया था जब राम जन्मभूमि परिसर पर हुए आतंकवादी हमला हुआ था, उस समय भी आरोपियों की पैरवी नहीं करने का फैसला किया गया था।
यह भी पढ़ें: VHP नेता आलोक कुमार बोले-मुलायम के समय में कारसेवकों पर चली थी गोलियां
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर राम जन्मभूमि आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगाया। साथ ही अखिलेश के शासन के दौरान अयोध्या नगरी की उपेक्षा को भी याद दिलाया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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