सूरजकुंड में 2018 की टक्कर में ट्रक चालक को संदेह के लाभ से मिली रिहाई
अदालत ने कहा कि दुर्घटना के क्षण में पीड़ित ने ट्रक चालक को नहीं देखा, और घटना के चार साल बाद ही 23 जनवरी 2023 को उसकी पहचान की गई, जिससे गवाही को विश्वसनीय नहीं माना गया। इस कारण ट्रक चालक को बरी कर दिया गया।

सौजन्य से:- Hindustan
Faridabad News: अदालत ने ट्रक चालक को संदेह का लाभ देते हुए किया बरी
Faridabad News: - हादसे के वक्त पीड़ित ने चालक को देखा नहीं, फिर भी अदालत में की पहचान फरीदाबाद, प्रमुख संवाददाता। सूरजकुंड थाना क्षेत्र में 2018 के सड़क हादसे के मामले में अदालत ने ट्रक चालक को संदेह का लाभ देते हुए...
Faridabad News: सूरजकुंड थाना क्षेत्र में 2018 के सड़क हादसे के मामले में अदालत ने ट्रक चालक को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता ने हादसे के समय चालक को देखा ही नहीं था, फिर घटना के करीब सवा चार साल बाद 23 जनवरी 2023 को अदालत में उसकी पहचान कर ली। इस कारण अदालत ने गवाही को विश्वसनीय नहीं माना।
अदालत का निर्णय
अदालत के मुताबिक 18 नवंबर 2018 की रात करीब दो बजे नेकीराम अपनी ग्रैंड विटारा कार से पाली-गुरुग्राम रोड से गांव सारन जा रहे थे। हनुमान मंदिर के पास आगे चल रहे ट्रक ने अचानक बिना इंडिकेटर दिए बाएं कट लिया। कार ट्रक के पिछले हिस्से में फंस गई और कुछ दूरी तक घिसटती चली गई। ट्रक चालक वाहन छोड़कर भाग गया। शिकायतकर्ता के अनुसार टक्कर के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग गया था। उस समय रात के करीब दो बजे थे। वह खुद क्षतिग्रस्त कार में फंसा था और उसके स्वजन बाद में मौके पर पहुंचे थे। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता के पास हादसे के समय चालक को देखने का ऐसा अवसर नहीं था, जिससे बाद में उसकी पहचान विश्वसनीय मानी जा सके। इसके बावजूद उसने 23 जनवरी 2023 को अदालत में अभय राम की पहचान की। शिकायतकर्ता ने जिस ट्रक को मौके पर छोड़ा बताया था, उसे बाद में पुलिस ने आरोपी से बरामद दिखाया था。
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