सुप्रीम कोर्ट की शर्तें मंजूर नहीं: छात्रों के खिलाफ FIR पर सीजेपी का बयान
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार के साथ उनकी सहमति थी कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाएंगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा नहीं करने को कहा है. सीजेपी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की शर्तें उन्हें मंजूर नहीं हैं और वे छात्रों के साथ खड़े हैं.

सौजन्य से:- ETV Bharat
सुप्रीम कोर्ट की शर्तें हमें मंजूर नहीं: प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ FIR पर CJP का बयान
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार के साथ हमारी सहमति यह थी कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ले ली जाएंगी.
Published : July 29, 2026 at 1:29 PM IST
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को कहा कि यह आदेश जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन खत्म करने वाली बातचीत के दौरान केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन के खिलाफ है. बता दें, शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में अधिकारियों को देश भर में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR की जांच जारी रखने की इजाजत दी है.
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार के साथ पार्टी की सहमति यह थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ले ली जाएंगी. दास ने एक इंटरव्यू में कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने अब कहा है कि जो FIR पहले से दर्ज हैं, उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा. सरकार के साथ हमारी बातचीत में इस पर बात नहीं हुई थी."
उन्होंने कहा, "सरकार के साथ हमारी समझ अलग थी, और हम उम्मीद करते हैं कि वह हमें दिए गए आश्वासन को पूरा करेगी. सुप्रीम कोर्ट जो शर्तें लगा रहा है, वे हमें मंजूर नहीं हैं."
The Supreme Court cannot be politicised for government’s gains. Its orders cannot be weaponised to achieve those gains. A solemn guarantee was given before the nation. Those ought to be honoured. All FIRs ought to be withdrawn. If criminals roamed, police must apply for…
— Saurav Das (@SauravDassss) July 28, 2026
सुप्रीम कोर्ट का 'राजनीतिकरण' नहीं होना चाहिए: दास
इसके अलावा, सौरव दास ने एक एक्स पोस्ट में कहा कि सरकार के फायदे के लिए सुप्रीम कोर्ट का "राजनीतिकरण" नहीं किया जाना चाहिए और उसके आदेश का इस्तेमाल ईमानदार प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.
दास ने लिखा, "सरकार के फायदे के लिए सुप्रीम कोर्ट का राजनीतिकरण नहीं किया जा सकता. उसके आदेशों का इस्तेमाल उन फायदों को पाने के लिए हथियार के तौर पर नहीं किया जा सकता. देश के सामने एक पुख्ता गारंटी दी गई थी. उनका सम्मान किया जाना चाहिए. सभी FIR वापस ली जानी चाहिए. अगर अपराधी घूम रहे हैं, तो पुलिस को उनके पुराने मामलों में जमानत रद्द करने के लिए आवेदन करना चाहिए. यह भी जवाब देना चाहिए कि वे समाज में इस तरह खुलेआम क्यों घूम रहे थे. लेकिन सरकार इस बहाने से FIR नहीं कर सकती ताकि बाद में ईमानदार प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा सके. अगर यह छूट दी गई, तो सरकार जरूर इसका इस्तेमाल करेगी."
सीजेपी के प्रवक्ता ने आगे लिखा, "युवा इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे! हम हर उस प्रदर्शनकारी के साथ खड़े रहेंगे जो एक-दूसरे के भविष्य के लिए खड़ा हुआ!"
यह भी पढ़ें- कौन हैं प्रो. वी कामाकोटि, प्रियंका गांधी ने 'गौमूत्र एक्सपर्ट' कहकर तंज कसा
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