अमेरिकी अदालत में अदाणी को 'सीक्रेट डील' का जवाब देना होगा
गौतम अदाणी इस हफ्ते अमेरिकी अदालत में एक हलफनामा दाखिल करेंगे, जिसमें उन्हें अभियोग वापस लेने से जुड़े किसी संभावित समझौते की जानकारी देनी होगी। अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने मामला वापस लेने का अनुरोध किया था और अदाणी को 15 जुलाई तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

सौजन्य से:- Jagran
'क्लीन चिट' पर सस्पेंस! क्या केस वापसी के पीछे थी कोई 'सीक्रेट डील'? अमेरिकी कोर्ट में अदाणी को देना होगा जवाब
गौतम अदाणी इस हफ्ते अमेरिकी अदालत में एक हलफनामा दाखिल करेंगे, जिसमें अभियोग वापस लेने से जुड़े किसी संभावित समझौते की जानकारी देनी होगी। अमेरिकी न्या ...और पढ़ें
HighLights
- अदाणी अमेरिकी अदालत में हलफनामा दाखिल करेंगे
- अभियोग वापसी से जुड़े समझौते की जानकारी देंगे
- न्याय मंत्रालय ने कानूनी आधार न होने पर मामला वापस लिया
नई दिल्ली। भारत के सबसे अमीर शख्स गौतम अदाणी अमेरिकी अदालत में इस हफ्ते एक हलफनामा दाखिल कर सकते हैं, जिसमें उन्हें अभियोग वापस लेने से जुड़े किसी संभावित समझौते की जानकारी के बारे में बताना होगा। अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने अदालत से कहा था कि उसने सिक्योरिटीज मामले को केवल इसलिए वापस लेने का अनुरोध किया क्योंकि मामले का कोई कानूनी आधार नहीं बनता। यह हलफनामा अदालत के इस निर्देश के बाद ही दाखिल किया जा रहा है।
अदालत को नहीं दी गई जानकारी
न्याय मंत्रालय के अधिकारी मैककॉट्टर ने 10 पृष्ठ के लिखित हलफनामे में कहा कि मामला वापस लेने का फैसला उन्होंने स्वतंत्र रूप से लिया था। उन्होंने मीडिया की उन खबरों का भी खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि आरोप वापस लेने के बदले प्रतिवादियों ने अमेरिका में निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
न्यायाधीश ने कहा कि हालांकि, सरकार के इस पक्ष से पहली बार यह संभावना सामने आई है कि किसी प्रकार की सहमति या व्यवस्था रही हो सकती है, हालांकि इसकी जानकारी अदालत को नहीं दी गई।
15 जुलाई तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश
अदालत ने कहा कि मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने से पहले उसे यह संतुष्टि होनी चाहिए कि सरकार के फैसले पर किसी अघोषित समझौते का प्रभाव नहीं था। अदालत ने अदाणी को 15 जुलाई तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इसमें उन्हें यह बताना होगा कि क्या उन्हें अभियोग वापस लेने से जुड़े किसी वादे, प्रस्ताव, समझौते या लाभ की जानकारी है और क्या उन्हें इस बात की जानकारी है कि अभियोग वापस लेने के बदले कोई प्रतिफल या लेन-देन हुआ था। सूत्रों ने बताया कि अदाणी इस सप्ताह हलफनामा दाखिल कर सकते हैं। अदाणी समूह ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है।
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