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सुप्रीम कोर्ट ने जजों की संवेदनहीनता के मामले में कड़ी नाराजगी जताई, भड़का हाईकोर्ट का विवादित फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के एक हालिया फैसले पर गंभीर आपत्ति जताई है, जिसमें हाईकोर्ट ने कहा था कि 'महिला की सलवार उतारना और उसका ब्रेस्ट दबाना, रेप की कोशिश नहीं माना जा सकता।' सुप्रीम कोर्ट ने देश की सभी अदालतों के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं और राज्यों को निर्देश दिया है कि वे सभी पुलिस स्टेशनों को नियमों का पालन करने के निर्देश जारी करें।

15 जुलाई 2026 को 04:13 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने जजों की संवेदनहीनता के मामले में कड़ी नाराजगी जताई, भड़का हाईकोर्ट का विवादित फैसला

सौजन्य से:- Hindustan

स्तन दबाना क्या रेप की कोशिश माना जाएगा? HC के फैसले पर क्यों भड़का सुप्रीम कोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने 9 जुलाई को एक मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत द्वारा एक आरोपी को 'रेप की कोशिश' के लिए दी गई सजा को पलट दिया था। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी ऐसा ही फैसला सुनाया था।

देशभर में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में जजों की संवेदनहीनता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के एक हालिया फैसले पर गंभीर आपत्ति जताई, जिसमें हाईकोर्ट ने कहा था कि 'महिला की सलवार उतारना और उसका ब्रेस्ट दबाना, रेप की कोशिश नहीं माना जा सकता।'

इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इस तरह का ही एक फैसला सुनाया था। इन मामलों पर संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अदालतों में जजों में संवेदनशीलता की कमी पर चिंता जताई। पीठ ने कहा कि जजों की यह जिम्मेदारी है कि वे फैसला सुनाने से पहले रिसर्च करें।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने देश की सभी अदालतों के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि यौन अपराधों के मामलों में न्यायिक संवेदनशीलता पर बनी नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी कमेटी की रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट और देश के सभी हाई कोर्ट्स की वेबसाइटों पर तुरंत अपलोड किया जाए। इसके अलावा राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी पुलिस स्टेशनों को नियमों का पालन करने के निर्देश जारी करें, ताकि एफआईआर दर्ज करते समय और चार्जशीट दाखिल करते समय इन बातों का ध्यान रखा जा सके।

सुनवाई के दौरान जस्टिस वी मोहना ने पूछा कि क्या पटना हाईकोर्ट के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का भी जिक्र था? इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, "जजों का भी यह कर्तव्य है कि वे कुछ रिसर्च करें। स्टाफ कुछ नहीं कर रहा है।"

पटना हाईकोर्ट का विवादित फैसला

पटना हाईकोर्ट ने बीते 9 जुलाई को एक मामले की सुनवाई करते हुए अटेम्प्ट टू रेप के एक आरोपी की सजा को पलट दिया था। अदालत ने कहा कि महिला की सलवार हटाना और उसके ब्रेस्ट को दबाना 'रेप की कोशिश' साबित करने के लिए काफी नहीं है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई मेडिकल सबूत नहीं है जो स्पष्ट रूप से रेप की कोशिश की गवाही देता हो।

यह मामला बिहार के अमरपुर का था। 2008 में यहां एक युवती अपने पिता के साथ स्टूडियो में फोटो खिंचाने गई थी। आरोप के मुताबिक, फोटो खींचने के बाद स्टूडियो मालिक ने पिता को कंप्यूटर पर फोटो देखने के बहाने बाहर इंतजार करने को कहा। इसके बाद उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और युवती के साथ जबरदस्ती की। लड़की के चिल्लाने पर पिता अंदर गए तो आरोपी वहां से फरार हो गया। इस मामले में निचली अदालत ने आरोपी को रेप के प्रयास का दोषी ठहराया था। हालांकि अब पटना हाईकोर्ट ने फैसला पलट दिया।

इलाहाबाद HC ने भी सुनाया था फैसला

वरिष्ठ वकील शोभा गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ऐसे फैसले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे पहले 17 मार्च 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी ऐसा ही एक आदेश दिया था। इलाहाबाद HC ने कहा था कि लड़की के पजामे का नाड़ा खींचने और ब्रेस्ट दबाने को रेप की कोशिश नहीं माना गया था। इस मामले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जजों को संवेदनशील बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी।

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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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