राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, आय से अधिक संपत्ति मामले में HC की सुनवाई पर रोक
Advertisement कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आय से अधिक संपत्ति (डिस्प्रोपोर्शनेट एसेट्स) के आरोपों की जांच के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर…

सौजन्य से:- AajTak
Advertisement
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आय से अधिक संपत्ति (डिस्प्रोपोर्शनेट एसेट्स) के आरोपों की जांच के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है. कोर्ट ने शिकायतकर्ता, सीबीआई और ईडी को नोटिस जारी किया है. अदालत ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का हवाला देते हुए मामले की समीक्षा करने का फैसला लिया है.
दरअसल, कर्नाटक बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास उनकी आय के मुकाबले ज्यादा संपत्ति है. बीजेपी नेता की शिकायत पर मई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अगर कांग्रेस नेता के खिलाफ शिकायत मिली है तो उसमें लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच होनी चाहिए.
कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई या ईडी कानून के तहत उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं. हाईकोर्ट ने दोनों एजेंसियों से ये भी कहा था कि वह जांच में हुई प्रगति की जानकारी अदालत को दें.
Advertisement
बदनाम करने के लिए दायर की याचिका
इलाहाबाद हाईकोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. इसी पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदलात ने राहुल को राहत दी है. कांग्रेस सांसद की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि याचिकाकर्ता आरएसएस का कार्यकर्ता है, जिसने राहुल गांधी को बदनाम करने के इरादे से कई याचिकाएं दाखिल की हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि अदालतों से प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) का पालन करने की उम्मीद की जाती है. कोर्ट ने कहा कि चूंकि निर्देश एक अदालत द्वारा जारी किए गए हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट को इस पूरे मामले का खुद परीक्षण करना चाहिए.
सीबीआई की आपत्ति
वहीं, सीबीआई की ओर से आपत्ति जताए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी से कहा कि यदि आपने ये जांच स्वतः संज्ञान लेकर शुरू नहीं की थी तो हमें इस मामले का परीक्षण करने दें. अदालत ने साफ किया कि यदि किसी अदालत ने आपको बाध्य किया है तो सुप्रीम कोर्ट को इस मामले की सुनवाई जरूर करनी चाहिए.
---- समाप्त ----
TOPICS:
Read more!
Advertisement
Latest News in Hindi »
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट के पद के लिए कलीजियम ने सिफ़ारिश की

हाईकोर्ट ने मांगी आवारा कुत्तों की कार्रवाई की रिपोर्ट, सरकार ने छह महीने में 15,000 से अधिक नसबंदी‑टीकाकरण किया

सरकारी वकीलों के लिए नया ढांचा: 2026 के अध्यादेश से नई भूमिका और लाभ

सुप्रीम कोर्ट के लिये टelangाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर कोलेजियम की सिफ़ारिश

राष्ट्रीय हाईवे 2 पर अवरोध हटाए, मनिपुर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया

सुप्रीम कोर्ट के जज बने लखनऊ के न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में प्रस्तावित किया

सुप्रीम कोर्ट ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक: सरकार को नियम बनाने का निर्देश
ताज़ा ख़बरें
- कोल्हापुर का बॉम्बे हाई कोर्ट: चुनाव आयोग के निर्णयों पर याचिका, 22 अक्टूबर को सुनवाई
- सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने तीन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिसों को जज पद के लिये सरकार को सुझाया
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया: LARRA को अपने अवार्ड निष्पादित कराने का अधिकार नहीं
- सुप्रीम कोर्ट ने टोक्यो के रेंकोजी मंदिर से नेता के राख लौटाने की याचिका पर केंद्र को चार हफ्ते उत्तर देने का समय दिया
- सुप्रीम कोर्ट में नई नियुक्तियाँ: गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना के मुख्य न्यायाधीशों का नाम सामने
- सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को क्लास 6 को भी 3‑भाषा फ़ॉर्मूला में वही छूट दी, जैसा क्लास 7 को
- बॉम्बे HC ने SAP मध्यस्थ न्यायाधिकरण का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाया, CIRP को पर्याप्त कारण मानते हुए
- 10 अक्टूबर को बीयर में राष्ट्रीय लोक अदालत, मोटर दुर्घटना मामलों के तेज़ निपटान पर केंद्रित

