राजस्थान HC के एक्टिंग चीफ जस्टिस शर्मा के खिलाफ आरोपों पर CJI ने कहा, मामले में संस्थागत प्रक्रिया का पालन होना चाहिए
राजस्थान HC के एक्टिंग चीफ जस्टिस शर्मा के खिलाफ आरोपों पर CJI ने कहा, मामले में संस्थागत प्रक्रिया का पालन होना चाहिए न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर प्रशा…

सौजन्य से:- ETV Bharat
राजस्थान HC के एक्टिंग चीफ जस्टिस शर्मा के खिलाफ आरोपों पर CJI ने कहा, मामले में संस्थागत प्रक्रिया का पालन होना चाहिए
न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर प्रशासनिक अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.
By Sumit Saxena
Published : August 27, 2026 at 8:24 AM IST
नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने बुधवार को कहा कि उन्होंने जस्टिस संदीप मेहता के पत्रों में उठाई गई चिंताओं पर ध्यान दिया है. जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर प्रशासनिक अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था और राजस्थान के बाहर से किसी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की मांग की थी.
सीजेआई ने इस बात पर जोर दिया कि पद पर मौजूद जज के खिलाफ आरोपों का निपटारा तय संस्थागत प्रक्रिया के जरिए ही सख्ती से किया जाना चाहिए. सीजेआई ने कहा कि वह और कॉलेजियम के दूसरे सदस्य पहले से ही बाकी हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस की नियुक्ति पर काम कर रहे हैं.
एक प्रेस बयान में कहा गया, 'उन्होंने जस्टिस संदीप मेहता के लिखे पत्रों में उठाई गई चिंताओं पर ध्यान दिया है और इस बात पर जोर दिया है कि मौजूदा जज के खिलाफ आरोपों से तय संस्थागत प्रक्रिया के जरिए सख्ती से निपटा जाना चाहिए.' सीजेआई ने कहा कि पत्रों की बातों पर सार्वजनिक रूप से फ़ैसला नहीं किया जा सकता और किसी नतीजे पर पहुँचने से पहले संबंधित जज को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिया जाना चाहिए.
बयान में कहा गया, 'सिर्फ इसलिए कि आरोप लगाए गए हैं, इसे जज के खिलाफ कोई फैसला या निष्कर्ष नहीं माना जा सकता.' उन्होंने आगे कहा कि मामले की जांच सही स्तर पर की जा रही है और इस प्रक्रिया में जस्टिस मेहता द्वारा पेश की गई जानकारी और जस्टिस शर्मा के जवाब, दोनों पर ध्यान दिया जाएगा.
'कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को पद पर बनाए रखने, उनका तबादला करने या उनके खिलाफ कोई अन्य प्रशासनिक कार्रवाई करने के बारे में कोई भी फैसला, संबंधित संस्थागत अधिकारी द्वारा सभी तथ्यों और जानकारी पर ठीक से विचार करने के बाद ही लिया जाएगा.'
बयान में कहा गया है कि सीजेआई ने इस बात पर भी जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट जजों से जुड़ी व्यक्तिगत शिकायतों का फैसला मीडिया में चल रहे दावों-प्रतिदावों के आधार पर नहीं होने दिया जा सकता. जस्टिस संदीप मेहता ने कई पत्रों के जरिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से राजस्थान के बाहर से किसी मुख्य न्यायाधीश की तुरंत नियुक्ति करने का आग्रह किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा अपने प्रशासनिक अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं.
जस्टिस मेहता ने 2, 10 और 17 अगस्त को तीन पत्र लिखे. उन्होंने जस्टिस शर्मा पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया और कहा कि वे 'मास्टर ऑफ रोस्टर' के तौर पर अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके चुनिंदा मामलों को अपनी बेंच में भेज रहे हैं.
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