होम›अधिकार›Himachal: हाईकोर्ट की सरकार पर कड़ी टिप्पणी: कहा- वित्तीय संकट की आड़ में अदालतों के गठन, पदों की बहाली नहीं रोक सकती सरकार
अधिकार

Himachal: हाईकोर्ट की सरकार पर कड़ी टिप्पणी: कहा- वित्तीय संकट की आड़ में अदालतों के गठन, पदों की बहाली नहीं रोक सकती सरकार

हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी: वित्तीय संकट की आड़ में अदालतों के गठन और पदों की बहाली नहीं रोकी जा सकती हाईकोर्ट ने राज्य में न्यायिक बुनियादी ढांचे, नई अदालतों के गठन और सहायक कर्मचारियों की भर्ती को लेकर राज्य सरकार की ओर…

20 अगस्त 2026 को 05:55 am बजे
Himachal: हाईकोर्ट की सरकार पर कड़ी टिप्पणी: कहा- वित्तीय संकट की आड़ में अदालतों के गठन, पदों की बहाली नहीं रोक सकती सरकार

सौजन्य से:- Amar Ujala

हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी: वित्तीय संकट की आड़ में अदालतों के गठन और पदों की बहाली नहीं रोकी जा सकती

हाईकोर्ट ने राज्य में न्यायिक बुनियादी ढांचे, नई अदालतों के गठन और सहायक कर्मचारियों की भर्ती को लेकर राज्य सरकार की ओर से की जा रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले आवश्यक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में न्यायिक बुनियादी ढांचे, नई अदालतों के गठन और सहायक कर्मचारियों की भर्ती को लेकर राज्य सरकार की ओर से की जा रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले आवश्यक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए हैं। पीठ ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों और तर्कसंगत जरूरतों पर निर्णय नहीं लिया जाना दुखद है। अदालत ने कहा कि यदि सरकार ने आवश्यक कदम नहीं उठाए तो उसके पास पदों के सृजन और कर्मचारियों की भर्ती के लिए परमादेश जारी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

हाईकोर्ट की सिफारिशों के विपरीत राज्य सरकार ने 10 अगस्त 2026 की अधिसूचना के तहत स्थायी लोक अदालतों में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीशों को अंशकालिक सदस्य के रूप में अधिसूचित किया है। कोर्ट ने कहा कि यह बहु-सदस्यीय संस्था के नियमों के अनुरूप नहीं है। पीठ ने सरकार को अधिसूचना में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही तय कर चुका है कि वित्तीय तंगी नागरिकों को त्वरित न्याय पाने के मौलिक अधिकार से वंचित करने का आधार नहीं हो सकती।

न्यायपालिका के लिए बजट आवंटन पर भी सवाल

पीठ ने चिंता जताई कि राज्य के कुल बजट में न्यायपालिका के लिए बेहद कम राशि आवंटित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में न्यायपालिका के लिए कुल बजट का महज 0.46 प्रतिशत और आगामी वित्तीय वर्ष में 0.53 प्रतिशत आवंटित किया गया है। अदालत ने कहा कि इसके बावजूद न्यायिक बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्तावों को लंबित रखा जा रहा है। पिछले तीन वर्षों से अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों के तीन और सिविल जजों के 34 पद सृजित करने के प्रस्ताव लंबित हैं। हाईकोर्ट ने 34 नई अदालतों के गठन की सिफारिश की थी, लेकिन कैबिनेट ने इसके बजाय हरोली और बडाणा में दो ऐसी अदालतों को मंजूरी दी, जिनकी मांग हाईकोर्ट ने नहीं की थी।

जजमेंट राइटर और रिकॉर्ड कीपर के पद भी नहीं मिले

अदालत ने कहा कि नई स्वीकृत अदालतों के साथ आवश्यक सहायक कर्मचारियों के पद भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इनमें जजमेंट राइटर, स्टेनोग्राफर ग्रेड-3 और रिकॉर्ड कीपर जैसे पद शामिल हैं। इन पदों के सृजन को लेकर भी सरकार की ओर से टालमटोल की जा रही है।

न्यायाधीशों के लिए स्वीकृत वाहनों की प्रक्रिया भी अटकी

हाईकोर्ट के न्यायाधीशों और कुल्लू, बिलासपुर, चंबा, ऊना, मंडी, शिमला, लाहौल-स्पीति, सोलन और हमीरपुर समेत विभिन्न जिला अदालतों के न्यायाधीशों के लिए स्वीकृत वाहनों की फंडिंग और वितरण प्रक्रिया भी लंबित है। इनमें इनोवा क्रिस्टा, मारुति ग्रैंड विटारा और थार रॉक्स जैसे वाहन शामिल हैं।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
तमिलनाडु सरकार ने आरटीआई छूट आदेश को निरस्त किया
अधिकार

तमिलनाडु सरकार ने आरटीआई छूट आदेश को निरस्त किया

संजिव चतुर्वेदी के मामलों में 17 न्यायाधीशों ने किया आत्म-निर्गमन, दो सुप्रीम कोर्ट के जज भी शामिल
अधिकार

संजिव चतुर्वेदी के मामलों में 17 न्यायाधीशों ने किया आत्म-निर्गमन, दो सुप्रीम कोर्ट के जज भी शामिल

अपील कोर्ट ने पेंटागन की एंथ्रोपिक ब्लैकलिस्ट को मान्य किया
अधिकार

अपील कोर्ट ने पेंटागन की एंथ्रोपिक ब्लैकलिस्ट को मान्य किया

सुप्रीम कोर्ट के कठोर आदेशों के बावजूद उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माणों के ध्वस्त करने में ढील
अधिकार

सुप्रीम कोर्ट के कठोर आदेशों के बावजूद उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माणों के ध्वस्त करने में ढील

फ्रांस में नया पुलिस बल कानून विरोध में हजारों ने उठाए कदम
अधिकार

फ्रांस में नया पुलिस बल कानून विरोध में हजारों ने उठाए कदम

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा: विश्वविद्यालय के छात्रों को विरोध का अधिकार, मुस्कुराना अनुशासनहीनता नहीं
अधिकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा: विश्वविद्यालय के छात्रों को विरोध का अधिकार, मुस्कुराना अनुशासनहीनता नहीं

पर्यावरण सम्मेलन में सीजेआई ने कहा: अदालतों को संरक्षण‑विकास के संतुलन की चुनौती का सामना
अधिकार

पर्यावरण सम्मेलन में सीजेआई ने कहा: अदालतों को संरक्षण‑विकास के संतुलन की चुनौती का सामना

UN प्रमुख ने सुरक्षा परिषद में ‘कानून‑उल्लंघन करने वाली’ शक्तियों की कड़ी आलोचना
अधिकार

UN प्रमुख ने सुरक्षा परिषद में ‘कानून‑उल्लंघन करने वाली’ शक्तियों की कड़ी आलोचना

ताज़ा ख़बरें