किराएदारी कानून से हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत : विनोद
किराएदारी कानून से हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत : विनोद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप्र नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021 की धारा 8, 9, 10, 38 और 42 को असंवैधानिक घोषित किया। यह निर्णय लाखों किरायेदारों और व्यापारी समाज…

सौजन्य से:- Hindustan
किराएदारी कानून से हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत : विनोद
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप्र नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021 की धारा 8, 9, 10, 38 और 42 को असंवैधानिक घोषित किया। यह निर्णय लाखों किरायेदारों और व्यापारी समाज के लिए राहत की खबर है। व्यापारी बंधुओं ने जिलाधिकारी के सामने इस मुद्दे पर चर्चा की थी, जिसके बाद यह निर्णय आया।
कानपुर, प्रमुख संवाददाता। उप्र नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021 की धारा 8, 9, 10, 38 और 42 को हाईकोर्ट ने असंवैधानिक घोषित कर दिया है। ये बातें क्षेत्रीय संयोजक बीजेपी कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र व्यापार प्रकोष्ठ विनोद गुप्ता ने कही। उन्होंने बताया कि बीते माह जुलाई में व्यापारी बंधु की बैठक जिलाधिकारी के समक्ष किराएदारी विनियमन अधिनियम से हो रही दिक्कतों पर चर्चा की थी। एक माह बाद 24 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उपरोक्त धाराओं को असंवैधानिक घोषित किया है। हाईकोर्ट के इस आदेश से लाखों किरायेदारों व्यापारी समाज और आम जनमानस को एक बड़ी राहत मिली है। अब किराया प्राधिकरण किसी भी किराएदार का शोषण नहीं कर सकेगा।
हाईकोर्ट के इस निर्णय का व्यापारी समाज स्वागत करता है। इससे व्यापारी समाज को रोजी रोटी पर आने वाला संकट भी टला है। नौघड़ा कपड़ा कमेटी अध्यक्ष शेष नारायण त्रिवेदी पप्पू ने बताया कि किरायेदारों के उत्पीड़न में सर्वाधिक पीड़ित कपड़ा बाजार के व्यापारी थे जिसके संबंध में लगातार संघर्ष जारी था। जिलाधिकारी कानपुर से भी कई दौर में हुई। बैठक में इस विषय पर गंभीर वार्ता हुई।
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