हिमाचल के हिस्से के हक की लड़ाई: सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक मोड़
हिमाचल के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंजाब पुनर्गठन कानून के तहत हिमाचल के हिस्से के हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ रही है, और सुप्रीम कोर्ट में यह मामला निर्णायक दौर में पहुंच गया है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक दौर में पहुंची पंजाब पुनर्गठन कानून के तहत हिमाचल के हिस्से के हक की लड़ाई: मुकेश अग्निहोत्री
डिप्टी सीएम ने प्रदेश के वंचित कर्मचारियों को OPS का लाभा दिलाने का आश्वासन दिया. चंबा को 15 इलेक्ट्रिक, 10 डीजल बसें देने की घोषणा.
By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 16, 2026 at 7:34 AM IST
चंबा: हिमाचल के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चंबा के ऐतिहासिक चौगान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी ली. इस अवसर पर डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ रही है. इसके साथ ही उन्होंने चंबा के लिए 15 नई इलेक्ट्रिक और 10 डीजल बसें देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि चंबा में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जा रहा है. प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए एचआरटीसी के बेड़े में 1,000 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी.
'हिमाचल के 7.19% हिस्से के हक की लड़ाई निर्णायक दौर में'
हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि, "प्रदेश सरकार हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ रही है. पंजाब पुनर्गठन कानून के तहत हिमाचल के 7.19 फीसदी हिस्से के हक का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक दौर में पहुंच गया है. सर्वोच्च न्यायालय हिमाचल के हकों के पक्ष में फैसला देगा और प्रदेश को उसका उचित हिस्सा मिलेगा."
इन कर्मचारियों को OPS का लाभ दिलाने का आश्वासन
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि, प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को सुरक्षित करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है. सत्ता में आते ही सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, जिससे 1.36 लाख कर्मचारियों को लाभ मिला. उन्होंने निगमों और बोर्डों के OPS से वंचित कर्मचारियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इन्हें भी इसका लाभ देने की दिशा में सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाएगी.
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि, सड़क दुर्घटनाओं और इनमें होने वाली मौतों को गंभीरता से लेते हुए चंबा को सड़क सुरक्षा के लिए पायलट जिला बनाया गया है। इसके लिए 5 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे। डेटा आधारित सड़क सुरक्षा उपायों को अपनाकर दुर्घटनाओं और इनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम करने के प्रयास किए जाएंगे.
'हिमाचल को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना सरकार का लक्ष्य'
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि, चंबा के विकास के लिए सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. चंबा-चुवाड़ी के बीच 14.816 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण लगभग 4,594 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है. इसके बनने से दोनों स्थानों के बीच दूरी करीब 26 किलोमीटर कम होगी. उन्होंने कहा कि, सरकार का लक्ष्य हिमाचल को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना है.
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