होमअपराधसुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ की अवैध इमारतों पर सख्ती से दखल दिया
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ की अवैध इमारतों पर सख्ती से दखल दिया

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु के निगमों और विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए हैं कि वे अवैध और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

10 जुलाई 2026 को 04:59 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ की अवैध इमारतों पर सख्ती से दखल दिया

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6a507129ff18cc998d0640e0","slug":"lucknow-supreme-court-takes-a-tough-stance-on-illegal-and-unsafe-buildings-in-lucknow-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow: लखनऊ की अवैध व असुरक्षित इमारतों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब तक की गई कार्रवाई की मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

Lucknow: लखनऊ की अवैध व असुरक्षित इमारतों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब तक की गई कार्रवाई की मांगी रिपोर्ट

Fri, 10 Jul 2026 09:42 AM IST

Ishwar Ashish Bhartiya

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

Published by: Ishwar Ashish Bhartiya

Updated Fri, 10 Jul 2026 09:42 AM IST

सार

सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोर्ट के 20 मई के निर्देशों के पालन में की गई कार्रवाई की जानकारी कोर्ट के सामने रखें। अधिकारियों को अगली तारीख चार अगस्त को अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने के भी निर्देश दिया गया है।

विज्ञापन

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

गैरकानूनी एवं असुरक्षित इमारतों व ढांचों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ, पटना व तमिलनाडु के नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों के आला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने उनसे ऐसी इमारतों के खिलाफ की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जिनसे लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है।

विज्ञापन

लखनऊ के अलीगंज व दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने और दिल्ली के साकेत में इमारत गिरने की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोर्ट के 20 मई के निर्देशों के पालन में की गई कार्रवाई की जानकारी कोर्ट के सामने रखें। अधिकारियों को अगली तारीख चार अगस्त को अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने के भी निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें - चंपत राय समेत तीन की सिस्टम आईडी निष्क्रिय, चढ़ावा गणना की नई व्यवस्था लागू; नए CEO की जल्द होगी नियुक्ति

विज्ञापन

ये भी पढ़ें - यूपी पंचायत चुनाव: प्रधानों को प्रशासक बनाने के मामले में पंचायती राज को किया तलब, शुक्रवार को होगी सुनवाई

अधिकारी सिर्फ साख बचाने की कर रहे कोशिश

पीठ ने न्यायमित्र की राय से सहमति जताई कि अधिकारी केवल दिखावे के लिए कार्रवाई कर रहे हैं। वे इमारत गिरने या आग लगने की घटनाओं के बाद सिर्फ बिल्डरों को गिरफ्तार करते हैं, पर अपने उन अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते, जो अवैध निर्माणों के मामले में कार्रवाई करने में नाकाम रहे।

पीठ ने कहा, अधिकारी सिर्फ अपनी साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि सिर्फ बिल्डरों को ही गिरफ्तार किया जा रहा है। अथॉरिटी या कॉरपोरेशन के किसी भी अफसर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। अधिकारियों को पीठ ने निर्देश दिया, वे अपनी रिपोर्ट में ऐसी विफलताओं के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अफसरों के नाम उजागर करें।

कार्रवाई न होने पर मुख्य अधिकारियों की जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर नगर निगमों एवं विकास प्राधिकरणों के आयुक्त, सीईओ और अन्य जिम्मेदार अधिकारी अगली तारीख तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर नहीं रखते या कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो स्वतःसंज्ञान लेते हुए अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सकती है। कोर्ट ने कहा, अगर अगली तारीख पर यह पाया गया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों और जमींदोज करने के आदेशों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है, तो संबंधित प्राधिकरण के मुख्य अफसरों की सीधी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन
अपराध

गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई
अपराध

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई
अपराध

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
अपराध

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
अपराध

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका
अपराध

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
अपराध

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
अपराध

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

ताज़ा ख़बरें