मनपीटा के ग्रामीणों ने पेसा कानून उल्लंघन पर हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर निर्माण रोकने की माँग
जमशेदपुर के मनपीटा गांव में ग्रामीणों ने हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण के खिलाफ पेसा कानून व ग्रामसभा के अधिकारों का उल्लंघन कहते हुए विशेष बैठक बुलाई। 24 अगस्त से बिना सूचना के कार्य फिर से शुरू होने और पवित्र स्थलों व गोचर भूमि को नुकसान पहुंचने पर वे नाराज हैं। ग्रामसभा ने कार्य रोकने के लिए उपायुक्त व अधिकारी को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया।

सौजन्य से:- Jagran
पेसा कानून के उल्लंघन का आरोप: मनपीटा में हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण रोकने को एकजुट हुए ग्रामीण
जमशेदपुर के मनपीटा में ग्रामीण हेवी व्हीकल मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण का विरोध कर रहे हैं, पेसा कानून और ग्रामसभा के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
HighLights
- ग्रामीणों ने हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर निर्माण का विरोध किया।
- पेसा कानून व ग्रामसभा अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
- पवित्र स्थलों और गोचर भूमि को क्षति पहुंचाई जा रही।
जासं, जमशेदपुर। जमशेदपुर के हुरलुंग पंचायत स्थित मनपीटा राजस्व गांव में निर्माणाधीन हेवी व्हीकल मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है।
पांचवीं अनुसूची के तहत लागू पेसा (PESA) कानून और ग्रामसभा के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए रविवार को मनपीटा ग्रामसभा की विशेष बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर बिना पूर्व सहमति चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की मांग की गई।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 24 अगस्त से बिना किसी सूचना अथवा अनुमति के परियोजना का काम दोबारा शुरू कर दिया गया है।
निर्माण स्थल पर जेसीबी चलाकर आदिवासियों व मूलवासियों के पवित्र स्थल जाहेरथान, गोट-पूजा स्थल, गोचर भूमि तथा निजी रैयती जमीनों को क्षति पहुंचाई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023 में भी इस प्रोजेक्ट का कड़ा विरोध हुआ था, जिसके बाद तत्कालीन उपायुक्त ने कार्य स्थगित कर स्थल बदलने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद दोबारा काम शुरू कराना नियमों का उल्लंघन है।
ग्रामसभा के निर्णय के अनुसार सोमवार को उपायुक्त और अंचल अधिकारी (सीओ) जमशेदपुर को ज्ञापन सौंपकर काम पर रोक लगाने की मांग की जाएगी।
इसके अलावा सांसद विद्युत वरण महतो और जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी को भी स्थिति से अवगत कराया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि ग्रामसभा के अधिकारों का सम्मान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन को विवश होंगे।
बैठक में खेलाराम हांसदा, गौतम कर्मकार, मंगल हो, कार्तिक महतो, उज्ज्वल कर्मकार और नरेश महतो समेत कई ग्रामीण उपस्थित थे।
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