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सुप्रीम कोर्ट की फटकार: अदालत के आदेश के बाद भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने देश में अवैध निर्माण और नगर निकायों की कथित मिलीभगत पर नाराजगी जताई है। खासतौर पर दिल्ली में एमसीडी के रवैये को लेकर कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई।

9 जुलाई 2026 को 02:57 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट की फटकार: अदालत के आदेश के बाद भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं

सौजन्य से:- Navbharat Times

सुप्रीम कोर्ट ने देश के अलग-अलग राज्यों में अवैध निर्माण और नगर निकायों की कथित मिलीभगत को लेकर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम को भी कड़ी फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर कोर्ट के आदेश के बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं करते तो आम लोग कितने असहाय होंगे।

हाइलाइट्स

सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण और नगर निकायों की कथित मिलीभगत को लेकर नाराजगी जताई

नगर निगमों की ओर से अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है- सुप्रीम कोर्ट

लापरवाही के चलते दिल्ली में कभी बिल्डिंग गिरती है तो कभी मालवीय नगर में आग जैसी घटना

नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध निर्माण और नगर निकायों की कथित मिलीभगत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कड़ी नाराजगी जताई। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने कहा कि नगर निगमों की ओर से अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है और कई स्थानों पर अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने खासतौर पर दिल्ली में अवैध निर्माण को लेकर एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) के लचर रवैये पर उसे फटकार लगाई।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 20 मई के आदेश में हमने दिल्ली के लाजपत नगर, सरोजनी नगर इलाके में अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। सिर्फ नोटिस भेजकर औपचारिकता पूरी कर ली गई। जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा, हम दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के रवैये को लेकर खास तौर पर चिंतित हैं। अधिकारियों को क्या करना है, इस बारे में खास निर्देश दिए गए थे।

एमिकस ने बताया कि आदेश के मुताबिक संबंधित अधिकारियों को ऐसे (अवैध) निर्माण गिराने थे। उल्लंघन करने वालों को नोटिस भेजे जाने थे। नोटिस भेजे तो गए, लेकिन उन पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट के निर्माण न करने के आदेश के बावजूद एमसीडी की मिलीभगत से धड़ल्ले से निर्माण कार्य चलता रहा। इस दौरान, कोर्ट ने मालवीय नगर की घटना का भी जिक्र किया।

लापरवाही के चलते दिल्ली में कभी बिल्डिंग गिरती है तो कभी मालवीय नगर में आग लगने जैसी घटना सामने आती है। यदि कोर्ट के आदेश के बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं करते तो आम लोग कितने असहाय होंगे।

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने को कहा है। अदालत ने अवैध निर्माणों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए आईआईटी दिल्ली के दो वरिष्ठ सिविल इंजीनियरिंग प्रोफेसरों और दो ड्राफ्ट्समैन की संयुक्त टीम गठित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह टीम एमसीडी अधिकारियों और एमिकस क्यूरी के साथ मिलकर साकेत, लाजपत नगर और सरोजनी नगर का निरीक्षण करेगी। इसके बाद टीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट देगी।

पीठ ने यह भी चेतावनी दी कि जिन अन्य नगर निकायों ने अब तक अदालत के निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट दाखिल नहीं की है, उनके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में अग्नि सुरक्षा को लेकर सामने आई रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया है कि 93 प्रतिशत प्रतिष्ठान फायर सेफ्टी ऑडिट में विफल पाए गए हैं। इसके साथ ही लखनऊ नगर निगम के आयुक्त को भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर कार्रवाई का ब्यौरा देने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को भी ऐसे सभी मामलों में की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

लेखक के बारे मेंपंकज सिंहपंकज सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम करने का 19 साल का अनुभव है। पंकज सिंह ने साल 2021 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। अभी वह सेंट्रल टीम में नेशनल और दिल्ली की खबरों पर बारीक नजर रखते हैं साथ ही शिफ्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वह आज तक डिजिटल में शिफ्ट हेड की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्होंने दिल्ली, यूपी समेत दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ ही लोकसभा चुनावों का कवरेज किया है। रिपोर्टिंग के दौरान कई वर्षों तक दिल्ली सरकार कवर किया है। देश के राजनीतिक घटनाक्रम पर विश्लेषण करना पंकज सिंह की प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति की खबरों पर अच्छी पकड़ के साथ करंट अफेयर्स और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अच्छा खासा अनुभव है।

पत्रकारिता अनुभव: प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 19 साल से कार्यरत

भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद अलग-अलग संस्थानों में काम किया। करियर की शुरुआत हिंदी डेली आज समाज (इंडिया न्यूज ग्रुप) से हुई। अलग-अलग बीट पर रिपोर्टिंग करते हुए दिल्ली सरकार कई वर्षों तक कवर किया। इस दौरान कई स्पेशल स्टोरी पर काम किया जिसे फ्रंट पेज पर जगह मिली। ETV भारत में यूपी डेस्क पर बतौर शिफ्ट हेड काम किया। इसके बाद आज तक डिजिटल में शिफ्ट इंचार्ज की भूमिका में रहे। आज तक के बाद एनबीटी के साथ सफर जारी है।... और पढ़ें

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