होम›फैसले›तृणमूल कांग्रेस में ऋतब्रत गुट को अदालत की बड़ी राहत
फैसले

तृणमूल कांग्रेस में ऋतब्रत गुट को अदालत की बड़ी राहत

अलीपुर अदालत ने ऋतब्रत बनर्जी गुट को वैध तृणमूल इकाई माना, अरूप राय की अध्यक्षता वाली समिति को असली तृणमूल बताया, ऋतब्रत गुट का पार्टी कार्यालयों और फंड पर दावा।

12 जुलाई 2026 को 01:13 pm बजे
तृणमूल कांग्रेस में ऋतब्रत गुट को अदालत की बड़ी राहत

सौजन्य से:- Jagran

बंगाल: अलीपुर अदालत का बड़ा फैसला, कोर्ट ने माना ऋतब्रत गुट ही असली तृणमूल कांग्रेस

तृणमूल कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई के बीच अलीपुर अदालत ने ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी राहत दी है, जिसमें 22 जून को गठित समिति को वैध इकाई माना गया है। ...और पढ़ें

HighLights

- अलीपुर अदालत ने ऋतब्रत गुट को वैध तृणमूल इकाई माना।

- अरूप राय की अध्यक्षता वाली समिति को असली तृणमूल बताया।

- ऋतब्रत गुट का पार्टी कार्यालयों और फंड पर दावा।

राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है।

इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है।

अब क्या होगा अगला कदम?

ऋतब्रत ने पत्रकारों से कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा, ताकि पार्टी की वैधता संबंधी उनके दावे को और मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि इस समिति के अलावा कोई भी व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर संगठन चलाने या खुद को पदाधिकारी बताने का अधिकार नहीं रखता।

ऋतब्रत का दावा- कार्यालयों-पार्टी फंड पर उनका अधिकार

उन्होंने यह भी दावा किया कि अदालत के फैसले के अनुसार पार्टी के कार्यालयों और पार्टी फंड पर भी उनकी समिति का अधिकार है। उनके अनुसार, अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम से पार्टी कार्यालयों का उपयोग नहीं कर सकेगा और न ही पार्टी निधि का इस्तेमाल कर पाएगा।

इसके अलावा महानगर स्थित तृणमूल भवन के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति के सदस्यों को होगा। यदि कोई व्यक्ति जबरन पार्टी कार्यालयों पर कब्जा करने या तृणमूल कांग्रेस के नाम का उपयोग करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब इस फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की अगली रणनीति पर राजनीतिक हलकों की नजर है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
देवेंद्रकुला वेल्लालर ने SC टैग छोड़कर सामाजिक सम्मान की मांग की
फैसले

देवेंद्रकुला वेल्लालर ने SC टैग छोड़कर सामाजिक सम्मान की मांग की

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: टिकट न होने पर भी ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा
फैसले

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: टिकट न होने पर भी ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा

अदालत‑एडीआर सहयोग से पारिवारिक विवादों का तेज़ समाधान
फैसले

अदालत‑एडीआर सहयोग से पारिवारिक विवादों का तेज़ समाधान

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: मेरठ में 16,000‑से‑अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई
फैसले

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: मेरठ में 16,000‑से‑अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई

परिवारिक विवादों में न्यायालय‑एडीआर का सहयोगी मॉडल
फैसले

परिवारिक विवादों में न्यायालय‑एडीआर का सहयोगी मॉडल

टिकट न मिलने पर भी 8 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी परिवार को
फैसले

टिकट न मिलने पर भी 8 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी परिवार को

टिकट न मिलने पर भी मुआवजा मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की रक़म बहाल की
फैसले

टिकट न मिलने पर भी मुआवजा मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की रक़म बहाल की

सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी ज़ोन में वाणिज्यिक कार्यवाही पर सील लगाने का कड़ा आदेश
फैसले

सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी ज़ोन में वाणिज्यिक कार्यवाही पर सील लगाने का कड़ा आदेश

ताज़ा ख़बरें