दयानिधि मारन मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरसंचार सचिव पर हाई कोर्ट का आदेश किया रद - sc quashes hc order on telecom secy in dayanidhi maran case
दयानिधि मारन मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरसंचार सचिव पर हाई कोर्ट का आदेश किया रद सुप्रीम कोर्ट ने द्रमुक सांसद दयानिधि मारन के अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को रद कर दिया, जिस…

सौजन्य से:- Jagran
दयानिधि मारन मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरसंचार सचिव पर हाई कोर्ट का आदेश किया रद
सुप्रीम कोर्ट ने द्रमुक सांसद दयानिधि मारन के अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को रद कर दिया, जिसमें दूरसंचार सचिव को अदालत के गवाह के रूप में तलब करने का निर्देश दिया गया था।
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट का आदेश रद्द किया।
- दयानिधि मारन मामले में दूरसंचार सचिव को गवाह बुलाने पर।
- मारन को बचाव पक्ष के गवाह के रूप में बुलाने की अनुमति।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को रद कर दिया, जिसमें ट्रायल कोर्ट को द्रमुक सांसद दयानिधि मारन के खिलाफ अवैध टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने से जुड़े मामले में केंद्रीय दूरसंचार सचिव को अदालत के गवाह के रूप में तलब करने का निर्देश दिया गया था।
जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पल्ली की पीठ ने हाई कोर्ट के 25 मार्च के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआइ की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह कदम उठाया।
पीठ ने कहा कि अब जब हम ट्रायल कोर्ट के आदेश को बहाल करने का मन बना चुके हैं तो हम प्रतिवादी (मारन) को दूरसंचार सचिव को बचाव पक्ष के गवाह के रूप में बुलाने की इजाजत देते हैं, जैसा कि हमारे 10 अगस्त के आदेश में कहा गया था।
पीठ ने कहा, "हम हाई कोर्ट के आदेश को रद करते हैं और ट्रायल कोर्ट के आदेश को बहाल करते हैं। हम प्रतिवादी को यह विकल्प देते हैं कि अगर वह चाहे तो टेलीकाम सचिव को बचाव पक्ष के गवाह के रूप में बुला सकता है।
सुनवाई के दौरान मारन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने दूरसंचार सचिव को बचाव पक्ष के गवाह के रूप में बुलाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि दूरसंचार सचिव को अदालत के गवाह के तौर पर तलब करना ज्यादा उचित होगा।
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