सुप्रीम कोर्ट ने सत्य निकेतन मामले को दिल्ली हाई कोर्ट से अपने पास नहीं ले जाने का फैसला किया
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की बेंच पर यह स्पष्ट किया कि वह दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे सत्य निकेतन इमारत गिरने के केस को अपने पास नहीं लेगा, क्योंकि जांच पहले ही शुरू हो चुकी है। इस बीच, सिविक अथॉरिटीज ने अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज की है, पाँच MCD अधिकारियों को निलंबित किया गया है और इमारत के मालिक व उनके परिवार के सदस्य गिरफ्तार हुए हैं।

सौजन्य से:- Jagran
'हाई कोर्ट से केस ट्रांसफर नहीं करेंगे', सत्य निकेतन हादसे पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया रुख
सुप्रीम कोर्ट ने सत्य निकेतन इमारत गिरने के मामले को दिल्ली हाई कोर्ट से अपने पास ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया है।
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने सत्य निकेतन केस ट्रांसफर से इनकार किया।
- दिल्ली हाई कोर्ट में पहले से ही कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
- अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जारी, अधिकारी निलंबित।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे सत्य निकेतन इमारत गिरने के मामले को अपने पास ट्रांसफर नहीं कर रहा है क्योंकि कार्रवाई शुरू हो गई है।
जस्टिस अहसानद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि वे मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं करना चाहते और हाई कोर्ट थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर अपने निर्देशों के पालन की निगरानी करता रहेगा।
सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत
दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट सुविधा वाली पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे गिर गई थी, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए।
अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू- अजीत सिन्हा
इस मामले में एमिकस क्यूरी के तौर पर नियुक्त सीनियर वकील अजीत सिन्हा ने बताया कि उन्हें अपने सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि सिविक अथॉरिटीज ने अनधिकृत निर्माण और पीजी आवासों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और चार मंजिला से ऊंची इमारतों को गिराया जा रहा है।
दिल्ली सरकार और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की और से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने भी बेंच से आग्रह किया कि वे हाई कोर्ट से केस ट्रांसफर न करें क्योंकि सिविक अथॉरिटीज अब ज्यादा फोकस के साथ काम कर रही हैं।
हाई कोर्ट से केस ट्रांसफर नहीं करेंगे- सुप्रीम कोर्ट
बेंच ने एमिकस क्यूरी और एसजी के सुझाव को मान लिया और कहा कि केस ट्रांसफर नहीं कर रही है और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ उसके पहले के निर्देशों का पालन किया जाएगा। 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वह केस ट्रंसफर कर सकता है।
रविवार को हुई इस घटना के सिलसिले में इमारत के मालिक, उनकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि MCD के पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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