'कानून से ऊपर नहीं X की नई पॉलिसी', एलन मस्क को सरकार का सख्त मैसेज
'कानून से ऊपर नहीं X की नई पॉलिसी', एलन मस्क को सरकार का सख्त मैसेज एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की नई नीति को लेकर भारत सरकार ने साफ किया है कि प्लेटफॉर्म को देश के कानून का पालन करना होगा. एक्स क…

सौजन्य से:- ABP News
'कानून से ऊपर नहीं X की नई पॉलिसी', एलन मस्क को सरकार का सख्त मैसेज
एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की नई नीति को लेकर भारत सरकार ने साफ किया है कि प्लेटफॉर्म को देश के कानून का पालन करना होगा. एक्स की कोई भी पॉलिसी कानून से ऊपर नहीं है.
एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) की नई नीति को लेकर भारत सरकार ने साफ किया है कि प्लेटफॉर्म को देश के कानून का पालन करना होगा. X की कोई भी पॉलिसी कानून से ऊपर नहीं है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एक सरकारी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि सरकार की ओर से कंटेंट हटाने या प्रतिबंधित करने के अनुरोधों को सार्वजनिक करने से जुड़ी X की नई व्यवस्था भारत में भी लागू होगी, लेकिन प्लेटफॉर्म को स्थानीय कानूनों का पालन करना पड़ेगा.
X की नई नीति में क्या बदलेगा?
एलन मस्क ने बताया है कि X अब सरकारों की ओर से कंटेंट को प्रतिबंधित करने या हटाने के लिए भेजे जाने वाले अनुरोधों को यूजर्स के लिए ज्यादा स्पष्ट बनाएगा. मस्क ने X पर एक नया एल्गोरिदम साझा करते हुए कहा कि नई व्यवस्था के तहत सरकार की ओर से किए गए कंटेंट हटाने के अनुरोध यूजर्स को ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे.
मस्क ने X पर लिखा कि सरकारों की ओर से की जाने वाली किसी भी सेंसरशिप की जानकारी अब स्पष्ट रूप से दिखाई देगी.
सरकार के आदेश की जानकारी यूजर्स को मिलेगी
नई नीति के तहत X यूजर्स को यह जानकारी दे सकता है कि किसी सरकारी संस्था ने उनके पोस्ट या कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है. यानी अगर किसी सरकारी विभाग के निर्देश पर किसी पोस्ट या कंटेंट को हटाया जाता है, तो यूजर को इसकी जानकारी दी जा सकती है.
इसके साथ ही यह भी बताया जा सकता है कि कंटेंट हटाने का आदेश किस सरकारी विभाग की ओर से भेजा गया था और किस कानूनी प्रावधान या आधार के तहत यह निर्देश जारी किया गया.
यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था से यूजर्स के लिए बहुत कुछ बदलने की संभावना नहीं है. हालांकि, इसका फायदा यह होगा कि अगर उनका पोस्ट या अकाउंट किसी सरकारी आदेश के आधार पर हटाया जाता है, तो उन्हें यह पता चल सकेगा कि कार्रवाई किस वजह से की गई और इसके पीछे किस सरकारी विभाग का निर्देश था.
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