अमृतसर में राष्ट्रीय लोक अदालत: एक दिन में सुलझेंगे विवाद
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को किया जाएगा, जिसमें लंबित मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा। इससे लोगों को अदालतों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और समय व धन दोनों बचेंगे। इसमें कई तरह के मामलों की सुनवाई होगी, जिनमें चेक बाउंस, बैंक रिकवरी केस और श्रम विवाद शामिल हैं।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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अमृतसर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत:एक दिन में सुलझेंगे विवाद, बैंक रिकवरी के केस होंगे खत्म; कोर्ट के चक्कर से मिलेगी राहत
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अमृतसर में लंबित मामलों के जल्द और आपसी सहमति से निपटारे के लिए 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, अमृतसर ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। तैयारियों की समीक्षा के लिए सचिव-कम-सीजेएम अमरदीप सिंह बैंस ने
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमरदीप सिंह बैंस ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों के मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर त्वरित निपटारा करना है। इससे लोगों को लंबे समय तक अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनका समय व धन दोनों बचेंगे।
कई तरह के मामलों की सुनवाई
बैंस ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में चेक बाउंस यानी एनआई एक्ट की धारा 138 के मामले, बैंक रिकवरी केस, श्रम विवाद, बिजली-पानी के बिल, नगर निगम और नगर परिषद से जुड़े हाउस टैक्स, सीवरेज, वाटर सप्लाई व साइट प्लान के मामले, विभिन्न सिविल मामले, कम गंभीर आपराधिक मामले, वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के मामले और बीमा दावों समेत कई मामलों का निपटारा किया जाएगा।
लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है
सचिव ने सभी बैंकों, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से अपील की कि वे अपने विभागों में लंबित अधिक से अधिक मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निपटाने का प्रयास करें। लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और इसके खिलाफ किसी अन्य अदालत में अपील नहीं की जा सकती। वहीं, लोक अदालत में मामले का निपटारा होने पर संबंधित पक्ष की जमा कोर्ट फीस भी नियमानुसार वापस कर दी जाती है।
लोगों से आवेदन करने की अपील
जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे अपने विवादों का आपसी सहमति से समाधान चाहते हैं तो संबंधित अदालत या जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, अमृतसर के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय लोक अदालत सरल, सस्ता और त्वरित न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम है।
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