राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- 20 जुलाई तक चुनाव शेड्यूल पेश करें, देरी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में पंचायत और निकाय चुनावों के लिए 20 जुलाई तक चुनाव शेड्यूल पेश करने को कहा है. अदालत ने कहा कि अगर सरकार और चुनाव आयोग से काम नहीं होता है, तो वे वैकल्पिक व्यवस्था कर देंगे.

सौजन्य से:- ETV Bharat
पंचायत व निकाय चुनावः राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- 20 जुलाई तक चुनाव शेड्यूल पेश करें, काम नहीं होता तो मना कर दीजिए
अदालत ने कहा कि आगामी सुनवाई को सभी संबंधित अधिकारी अदालत से जुड़ेंगे.
Published : July 16, 2026 at 4:46 PM IST
जयपुरः राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव कराने के जुड़े मामले में 20 जुलाई तक चुनाव शेड्यूल अदालत में पेश करने को कहा है. अदालत ने कहा कि राज्य सरकार और आयोग आपस में तय कर अदालत में जानकारी दें कि आरक्षण को लेकर आयोग कब तक अपनी रिपोर्ट देगा. इसके अलावा राज्य सरकार कब तक वार्ड वार लॉटरी निकालेगी और उसके बाद आयोग चुनाव की तारीख घोषित करेगा. एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने यह आदेश गिरीराज देवंदा और संयम लोढ़ा की याचिका में राज्य सरकार की ओर से पेश प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए. अदालत ने कहा कि आगामी सुनवाई को सभी संबंधित अधिकारी अदालत से जुड़ेंगे.
सुनवाई के दौरान अदालती आदेश की पालना में राज्य निर्वाचन आयुक्त और ओबीसी आयोग राजनीतिक के सचिव सलाहकार वीसी के जरिए अदालत में हाजिर हुए. अदालत ने चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह को कहा कि पहले भी कोर्ट की ओर से तय तारीख गुजरने के बाद आयोग ने कार्यकम जारी किया था. आप क्यों चाहते हैं कि हम आपके खिलाफ कार्रवाई आरंभ करें?. वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता अमित कुडी ने शपथ पुत्र पेश कर कहा कि हमें ओबीसी,एससी, एसटी और महिला आरक्षण को लेकर सरकार से वर्गीकरण मिल जाता है तो हम दो दिन में चुनाव प्रक्रिया आरंभ करने की स्थिति में हैं.
पढ़ेंः राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, हाईकोर्ट की सख्ती के बीच आयोग ने जिलों को दिए निर्देश
रिपोर्ट क्यों नहीं दीः अदालत ने ओबीसी आयोग को लेकर कहा कि राज्य सरकार ने मई, 2025 में आयोग का तीन माह के लिए किया था तो उन्होंने रिपोर्ट क्यों नहीं दी?. अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि आपसे काम नहीं होता है तो मना कर दीजिए, हम वैकल्पिक व्यवस्था कर देंगे. इसके साथ ही अदालत ने 20 जुलाई को चुनाव शेड्यूल पेश करने को कहा है.
यह है मामलाः हाईकोर्ट ने गत 14 नवंबर को आदेश जारी कर 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के आदेश दिए थे. इसके बाद राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर चुनाव कराने की समय सीमा बढ़ाने की गुहार की थी. इस पर गत 22 मई को सुनवाई करते हुए अदालत ने चुनाव कराने की समय सीमा 31 जुलाई तक बढ़ा दी थी. इस बीच चुनाव प्रक्रिया आरंभ नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने अदालत में अवमानना याचिका दायर की. वहीं, राज्य सरकार ने एक बार फिर प्रार्थना पत्र पेश करते हुए नवंबर माह के बाद चुनाव कराने की अनुमति मांगी है.
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट बार में चुना गया डॉ. ब्रजेश कुमार शर्मा, गोपालगंज को मिली सम्मानित पहचान

कुसीयारगांव में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर

सुप्रीम कोर्ट में आज हो सकती है जम्मू‑कश्मीर के राज्य दर्जे पर सुनवाई

दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट में भ्रष्ट जजों की गिनती भूलने का आरोप लगाया

सीईसी की आजीवन प्रतिरक्षा: जवाबदेही से दूर एक खतरनाक कदम

लाइक्स की चाह में सड़क पर स्टंट करने वाले नाबालिग को नहीं मिली जमानत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सत्र न्यायालय का आदेश बरकरार रखा

2000 से अधिक नागरिकों ने CJI से SIR प्रक्रिया पर स्वयं‑मोटु कार्यवाही की मांग की

शिवहर में निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए जागरूकता अभियान
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट में यूपीआई‑एमडीआर को चुनौती का मुक़दमा
- सुप्रीम कोर्ट में भ्रष्ट न्यायाधीशों का जाल: दुश्यंत दवे का खुलासा
- सुप्रीम कोर्ट में 2000 रुपये से ऊपर के यूपीआई लेनदेन पर 0.4% एमडीआर की वैधता पर सुनवाई
- सुप्रीम कोर्ट में 2,000 रुपये से ऊपर के UPI लेन‑देनों पर 0.4% शुल्क को लेकर याचिका पर सुनवाई
- सुप्रीम कोर्ट ने 0.4% यू.पी.आई. व्यापारिक लेनदेन शुल्क को चुनौती देने वाले याचिका पर सुनवाई तय की
- हिंदू परिवार की सहदायिक संपत्ति में बेटियों को मिलता है बराबर हिस्सा
- दुमका लोक अदालत में छह विवादों का निपटारा, 81.32 लाख की समझौता राशि तय
- कोडरमा की लोक अदालत ने 16 मामलों का निपटारा, 15.58 लाख रुपये की समेट

