हिमाचल हाईकोर्ट को मिले तीन नए जज, सुप्रीमकोर्ट की अनुशंसा के बाद नियुक्ति
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल हाईकोर्ट के लिए तीन नए जजों का चयन किया है। इनमें जिला न्यायाधीश चिराग भानु सिंह, रजिस्ट्रार जनरल भूपेश शर्मा और जिला न्यायाधीश योगेश जसवाल शामिल हैं। अब इन जजों को भारत सरकार से वारंट ऑफ अपॉइंटमेंट मिलेगा और फिर वे हिमाचल हाईकोर्ट के जज बनेंगे।

सौजन्य से:- Jagran
हिमाचल हाई कोर्ट को मिले 3 नए जज, सुप्रीमकोर्ट कॉलेजियम ने की चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा व योगेश जसवाल की नियुक्ति
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल हाईकोर्ट के लिए तीन नए जजों के नामों को अंतिम रूप दे दिया है। इनमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश चिराग भानु सिंह, रजिस्ट्र ...और पढ़ें
HighLights
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन जजों के नाम फाइनल किए।
चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा, योगेश जसवाल नियुक्त होंगे।
हिमाचल हाईकोर्ट में न्यायिक नियुक्तियों को मंजूरी मिली।
विधि संवाददाता, शिमला। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल हाईकोर्ट में तीन नए जजों के नाम फाइनल कर दिए हैं। देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने प्रदेश के तीन जिला न्यायिक अधिकारियों को हिमाचल हाईकोर्ट के जज के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश की है। इनमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश कांगड़ा चिराग भानु सिंह, हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल भूपेश शर्मा और जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर योगेश जसवाल शामिल हैं।
हिमाचल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इनके नाम की सिफारिश की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने विचार विमर्श कर इन तीनों जिला न्यायाधीशों को हिमाचल हाईकोर्ट का जज बनाने के लिए योग्य माना। अब भारत सरकार से वारंट ऑफ अपॉइंटमेंट आना बाकी है।
चिराग भानु सिंह
18 दिसंबर 1970 को मंडी जिला में जन्मे कंवर चिराग भानु सिंह ने स्नातक की डिग्री मंडी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से हासिल करने के बाद वर्ष 1994 में प्रदेश विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की। इन्होंने प्रदेश बार काउंसिल से अधिवक्ता का लाइसेंस लेने के पश्चात हाईकोर्ट के समक्ष वकालत शुरू की।
2007 में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पद पर नियुक्ति
वर्ष 2003 में इन्हें हिमाचल सरकार की ओर से डिप्टी एडवोकेट जनरल के पद पर तैनात किया गया था। वर्ष 2007 में यह अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के पद पर नियुक्त हुए। इस पश्चात इन्होंने ऊना व सोलन जिला न्यायालय में इस पद पर कार्य किया। इन्होंने श्रम न्यायालय धर्मशाला के पीठासीन अधिकारी के तौर पर भी कार्य किया और अभी भी वहीं सेवाएं दे रहे हैं। यह प्रधान सचिव कानून के पद पर भी रहे। इन्होंने ज्यूडिशल अकैडमी के निदेशक के पद पर भी कार्य किया। ये प्रदेश हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार के पद पर भी तैनात रहे।
योगेश जसवाल
2 मार्च, 1967 को ग्राम अम्बोटा, तहसील अम्ब, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश में जन्मे योगेश जसवाल ने शिमला में शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1991 में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से एलएलबी किया और वर्ष 1991-1992 में हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य के रूप में नामांकित हुए। शिमला में दीवानी और फौजदारी के साथ-साथ राजस्व न्यायालयों में प्रैक्टिस की। एचपी न्यायिक सेवाएं में चयनित होने के बाद 08-07-1996 को उपन्यायाधीश सह-न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 2, हमीरपुर के रूप में शामिल हुए। उसके बाद रोहड़ू और पालमपुर में तैनात रहे।
अक्टूबर, 2004 के महीने में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के रूप में पदोन्नत किया गया और उसके बाद जनवरी, 2005 के महीने में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में पदोन्नत किया गया। सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-सह-अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कसौली, जिला सोलन के पद पर तैनात थे। लाहौल और स्पीति के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बने और 21-05-2010 को कुल्लू में कार्यभार ग्रहण किया।
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2013 में बने सिविल जज
31-01-2013 तक सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-सह-मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुल्लू के रूप में कार्य किया था। जनवरी, 2013 में उच्च न्यायिक सेवा में पदोन्नत किया गया था। स्थानांतरण पर, 20-05-2013 से घुमारवीं में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में शामिल हुए। इसके बाद, जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए और 12.05.2016 को रामपुर बुशहर में सिविल एवं सत्र डिविजन, किन्नौर में शामिल हुए। 26-10-2016 को रामपुर बुशहर से स्थानांतरित होकर 12.11.2016 को सिविल एवं सत्र डिविजन, चंबा में शामिल हुए। स्थानांतरण पर, 28.12.2018 को श्रम न्यायालय-सह-औद्योगिक न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
इसके बाद, 09.08.2021 को धर्मशाला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कांगड़ा के रूप में शामिल हुए। 01-01-2024 तक हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार के पद पर तैनात रहे। इसके बाद 02-01-2024 को पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय-सह-औद्योगिक न्यायाधिकरण, शिमला के रूप में स्थानांतरित किया गया। इसके पश्चात स्थानांतरण पर, 9 मई, 2024 को निदेशक, हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी, शिमला के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वर्तमान में स्थानांतरण पर, 04.04.2025 को इन्होंने नाहन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
इन सभी न्यायाधीशों के कर्तव्यनिष्ठ और रिकॉर्ड को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए उपयुक्त माना हैं।
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