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ज़मानत ही नियम, जेल अपवाद: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराई नज़ीर

व्यक्तिगत स्वतंत्रता को रेखांकित करते हुए अदालत ने ज़मानत मंजूर की।

विधि डेस्क9 जून 2026 को 10:40 pm बजे
ज़मानत ही नियम, जेल अपवाद: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराई नज़ीर

व्यक्तिगत स्वतंत्रता को रेखांकित करते हुए अदालत ने ज़मानत मंजूर की।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत करते हुए प्रावधानों का बचाव किया।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन हर हाल में अनिवार्य है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए महत्वपूर्ण नज़ीर बनेगी।

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार किया जाएगा।

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