गुमला में दुष्कर्म मामले में आरोपी को 12 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना
गुमला की विशेष अदालत ने 2022 के दुष्कर्म मामले में शनिचरवा उरांव को दोषी ठहराया और 12 वर्ष की कारावास तथा 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त छह माह की साधारण कैद की व्यवस्था भी रखी गई है।

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
Gumla News: दुष्कर्म मामले में दोषी को 12 साल की सजा, अदालत ने लगाया 20 हजार जुर्माना
गुमला की विशेष अदालत ने 2022 के दुष्कर्म मामले में शनिचरवा उरांव को दोषी करार देते हुए 12 साल की कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. जुर्माने की रकम न भरने पर अतिरिक्त कैद.
गुमला. पति के घर पर नहीं रहने के दौरान अकेली महिला के साथ चाकू की नोक पर दुष्कर्म करने के मामले में गुमला की विशेष अदालत ने आरोपी शनिचरवा उरांव उर्फ शनि उरांव को दोषी करार दिया है. अदालत ने आरोपी को 12 साल के कारावास की सजा सुनायी है. इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
मामला वर्ष 2022 का
जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. मामला वर्ष 2022 में गुमला थाना में दर्ज कांड संख्या 205/2022 से संबंधित है. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पेश किये गये साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया. दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने निर्धारित सजा सुनायी. फैसले के अनुसार आरोपी को 12 वर्ष के कारावास के साथ जुर्माने की सजा भुगतनी होगी.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना, मुल्ला अफरोज की NSA हिरासत रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार पर 10 लाख की लागत तय, एनएसए हिरासत को कहा 'क़ानूनी नहीं'

दिल्ली हाई कोर्ट में व्यक्तित्व अधिकार की परिभाषा पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने NSA से मल्ला अफ़रोज़ की रोकथाम को रद्द किया, यूपी सरकार पर ₹10 लाख जुर्माना लगाया

सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती, मनीषा मौत मामले में अधिवक्ता ने जवाब दाखिल; अगली सुनवाई 14 अक्टूबर

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय में शामिल करने की सिफ़ारिश की

सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को पैक्ड फूड चेतावनी लेबल के 365‑दिन की स्वैच्छिक अवधि पर सवाल किया

सिंगापुर की अदालत ने भारतीय आईटी वेंडर को 7 महीने की जेल, 18,000 संवेदनशील फाइलों की अनधिकृत पहुँच के आरोप
ताज़ा ख़बरें
- दिल्ली उच्च न्यायालय ने FSSAI से सवाल: रिड बुल पर 'एनर्जी ड्रिंक' वर्जन से पहले क्या नोटिस दिया गया?
- सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के सोशल‑मीडिया उपयोग पर केंद्र को वैधानिक सुरक्षा व्यवस्था बनाने का आदेश
- सुप्रीम कोर्ट ने शिवार सैना के कॉर्पोरेटर रामेश माथरे का बAIL निरस्त किया, डॉक्टरों पर हमला को रोकने के लिए मजबूत सन्देश
- एनआईए की विशेष अदालत ने 'वॉइस ऑफ़ हिंद' साजिश में ISIS के चार सदस्यों को सजा दी
- लखनऊ खंडपीठ से 25 साल बाद दूसरा जज: न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित
- सुप्रीम कोर्ट ने 22 बरी आरोपीयों को नोटिस जारी, अमित शाह के डिस्चार्ज को दोबारा नहीं खोला जाएगा
- शिक्षक पर स्याही के हमले में 12 पर छह महीने की जेल
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए गहन ऑडिट का आदेश दिया

