होमअपराधसुप्रीम कोर्ट ने चीनी नागरिक की जमानत पर लगाई रोक
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने चीनी नागरिक की जमानत पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने चीनी नागरिक लियू फेंगफेई को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसे पहचान के दस्तावेजों में धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोपी है। अदालत ने मामले की जल्द सुनवाई की जरूरत पर बल देते हुए निचली अदालत को छह माह में ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया।

10 अगस्त 2026 को 06:57 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने चीनी नागरिक की जमानत पर लगाई रोक

सौजन्य से:- Hindustan

चीनी नागरिक को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा से गिरफ्तार चीनी नागरिक लियू फेंगफेई को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत को छह माह में ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया। फेंगफेई ने अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए चीन जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन यह मांग ठुकरा दी गई।

-छह माह में ट्रायल पूरा करने का आदेश नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पहचान के दस्तावेजों में धोखाधड़ी और जालसाजी करने के आरोप में नोएडा से गिरफ्तार चीनी नागरिक लियू फेंगफेई को जमानत से इनकार कर दिया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने मामले की जल्द सुनवाई की जरूरत पर बल देते हुए निचली अदातल को छह माह में ट्रायल पूरा करने को कहा है।

कानूनी पक्ष

जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने आरोपी फेंगफेई की उस मांग को भी ठुकरा दिया, जिसमें उसने मानवीय आधार पर अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए कुछ समय के लिए चीन जाने की अनुमति मांगी थी। फेंगफेई की ओर से पेश अधिवक्ता ने पीठ को बताया कि उनके मुवक्किल का परिवार एक असाधारण चिकित्सा आपातकाल का सामना कर रहा है क्योंकि उनकी मां गंभीर बीमारी से बीमार है और अस्पताल में भर्ती है। अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि फेंगफेई चीन के हेनान प्रांत के नानयांग शहर में अपनी बीमार मां से मिलने का इरादा रखता है।

सरकारी प्रतिक्रिया

दूसरी तरफ विदेश मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे ने पीठ को बताया कि मामले की सुनवाई पहले से ही चल रही है और इसमें 36 गवाहों से पूछताछ की जानी है। पीठ ने इन दलीलों पर ध्यान दिया और कहा कि चूंकि मामले की सुनवाई चल रही है, इसलिए मेडिकल इमरजेंसी के आधार पर चीनी नागरिक को जमानत देना कोर्ट के लिए मुश्किल है।

अंतिम निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत और चीन के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है और इस याचिका में विदेश मंत्रालय के जरिए केंद्र सरकार को एक अतिरिक्त पक्ष के तौर पर शामिल किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि भारत सरकार को इसमें शामिल करने का मकसद सिर्फ यह पता लगाना था कि क्या कोई ऐसा तरीका निकाला जा सकता है जिससे फेंगफेई कुछ समय के लिए अपनी मां के पास रह सकें। पीठ ने कहा कि हम सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि आरोपी को जमानत पर अपनी बीमार मां से मिलने चीन जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने 24 फरवरी को जमानत देने से इनकार कर दिया था.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureauहिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
दिल्ली हाई कोर्ट ने मकोका मामले में पूर्व आप विधायक नरेश बाल्यान को जमानत देने से इनकार कर दिया
अपराध

दिल्ली हाई कोर्ट ने मकोका मामले में पूर्व आप विधायक नरेश बाल्यान को जमानत देने से इनकार कर दिया

महाराष्ट्र सार्वजनिक सुरक्षा कानून: बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश ने याचिका से खुद को अलग किया
अपराध

महाराष्ट्र सार्वजनिक सुरक्षा कानून: बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश ने याचिका से खुद को अलग किया

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को बरी करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
अपराध

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को बरी करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

NDPS एक्ट को प्रभावी बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
अपराध

NDPS एक्ट को प्रभावी बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, लड़कियों के जींस पहनने पर निराश्रित करना अस्वीकार्य मानसिकता का प्रदर्शन करता है
अपराध

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, लड़कियों के जींस पहनने पर निराश्रित करना अस्वीकार्य मानसिकता का प्रदर्शन करता है

सुप्रीम कोर्ट राम रहीम की बरी होने के खिलाफ सुनवाई करेगा
अपराध

सुप्रीम कोर्ट राम रहीम की बरी होने के खिलाफ सुनवाई करेगा

8 साल बाद फोर्च्यूनर लूट केस में पंजाब का व्यक्ति बरी, जानें क्या थी अदालत की बातें
अपराध

8 साल बाद फोर्च्यूनर लूट केस में पंजाब का व्यक्ति बरी, जानें क्या थी अदालत की बातें

मणिपुर हिंसा के मामले: सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी हाईकोर्ट से कहा विशेष अदालतें बनाएं
अपराध

मणिपुर हिंसा के मामले: सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी हाईकोर्ट से कहा विशेष अदालतें बनाएं

ताज़ा ख़बरें