सुप्रीम कोर्ट ने 14 वर्ष तक के बच्चों के धार्मिक और पंथनिरपेक्ष स्कूलों की निगरानी की मांग वाली याचिका सुनवाई करने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के स्कूलों की निगरानी वाली जनहित याचिका सुनने से इनकार कर दिया। इसी के साथ, याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।

सौजन्य से:- Jagran
बच्चों के स्कूलों की निगरानी वाली जनहित याचिका, सुप्रीम कोर्ट में खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने 14 साल तक के बच्चों के धार्मिक और पंथनिरपेक्ष स्कूलों की निगरानी की मांग वाली याचिका सुनने से इनकार कर दिया। ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के स्कूलों की निगरानी वाली याचिका सुनने से इनकार किया।
- याचिका में 14 वर्ष तक के बच्चों के स्कूलों की निगरानी मांगी गई थी।
- पीठ ने सुनवाई से इनकार किया, याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को सुनने से इनकार कर दिया है जिसमें 14 वर्ष की आयु तक के बच्चों के धार्मिक और पंथ निरपेक्ष स्कूलों को निगरानी के दायरे में लाने की मांग की गई थी।
जनहित याचिका में सर्वोच्च न्यायालय से मांग की गई थी कि वह केंद्र और सभी राज्य सरकारों को निर्देश दे कि वे 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा देने वाले देश के सभी स्कूलों को सूचीबद्ध करें, मान्यता दें, नियमित निरीक्षण करें और उनकी व्यवस्थाओं को निगरानी में लें।
शीर्ष न्यायालय में जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने इस याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार करने से इनकार कर दिया। याचिका में अनुच्छेद 30 और अन्य कानूनी प्रविधानों का उल्लेख कर उन्हें संज्ञान में लेने और केंद्र व राज्यों को निर्देशित करने का अनुरोध किया गया था। याचिका को सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई के लिए इनकार करने के बाद याचिकाकर्ता ने उसे वापस ले लिया।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
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