होम›वकील›पौड़ी: 21 से 23 अगस्त तक विशेष लोक अदालत, लंबित मामलों का आपसी सहमति से सुलह
वकील

पौड़ी: 21 से 23 अगस्त तक विशेष लोक अदालत, लंबित मामलों का आपसी सहमति से सुलह

पौड़ी में 21, 22 और 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस अदालत में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों का आपसी सहमति से सुलह किया जाएगा और पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलेगा।

28 जुलाई 2026 को 11:54 am बजे
पौड़ी: 21 से 23 अगस्त तक विशेष लोक अदालत, लंबित मामलों का आपसी सहमति से सुलह

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6a688e7452954ff3220d7d8a","slug":"special-lok-adalat-from-august-21-to-23-pauri-news-c-51-1-pri1001-115199-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: 21 से 23 अगस्त तक विशेष लोक अदालत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

Pauri News: 21 से 23 अगस्त तक विशेष लोक अदालत

Tue, 28 Jul 2026 04:41 PM IST

देहरादून ब्यूरो

संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी

संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी

Updated Tue, 28 Jul 2026 04:41 PM IST

विज्ञापन

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

पौड़ी। 21, 22 एवं 23 अगस्त को समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026 का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष लोक अदालत में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति व सुलह के आधार पर निस्तारण किया जाएगा जिससे पक्षकारों को शीघ्र, सरल और प्रभावी न्याय मिल सके।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव व सिविल जज नाजिश कलीम ने विशेष लोक अदालत के सफल आयोजन एवं अधिकाधिक मामलों के निस्तारण के उद्देश्य से मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर में संबंधित पक्षकारों के साथ छठी प्री-लोक अदालत बैठक आयोजित की गई। बैठक में पक्षकारों को लोक अदालत की प्रक्रिया, उद्देश्य व इसके लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। सचिव ने कहा कि लोक अदालत विवादों के समाधान का एक प्रभावी मंच है जहां आपसी सहमति से मामलों का त्वरित, सरल एवं कम खर्च में निस्तारण संभव होता है। उन्होंने बताया कि विशेष लोक अदालत से पूर्व राज्य, जिला, तहसील एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरणों के मध्यस्थता केंद्रों में लगातार सुलह बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जा सके। बैठक में डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल महेश बलूनी तथा रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत ने भी विशेष लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए पक्षकारों को सुलह के माध्यम से विवादों का निस्तारण कराने के लिए प्रेरित किया।

विज्ञापन

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव व सिविल जज नाजिश कलीम ने विशेष लोक अदालत के सफल आयोजन एवं अधिकाधिक मामलों के निस्तारण के उद्देश्य से मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर में संबंधित पक्षकारों के साथ छठी प्री-लोक अदालत बैठक आयोजित की गई। बैठक में पक्षकारों को लोक अदालत की प्रक्रिया, उद्देश्य व इसके लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। सचिव ने कहा कि लोक अदालत विवादों के समाधान का एक प्रभावी मंच है जहां आपसी सहमति से मामलों का त्वरित, सरल एवं कम खर्च में निस्तारण संभव होता है। उन्होंने बताया कि विशेष लोक अदालत से पूर्व राज्य, जिला, तहसील एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरणों के मध्यस्थता केंद्रों में लगातार सुलह बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जा सके। बैठक में डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल महेश बलूनी तथा रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत ने भी विशेष लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए पक्षकारों को सुलह के माध्यम से विवादों का निस्तारण कराने के लिए प्रेरित किया।

विज्ञापन

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट बार में चुना गया डॉ. ब्रजेश कुमार शर्मा, गोपालगंज को मिली सम्मानित पहचान
वकील

सुप्रीम कोर्ट बार में चुना गया डॉ. ब्रजेश कुमार शर्मा, गोपालगंज को मिली सम्मानित पहचान

कुसीयारगांव में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर
वकील

कुसीयारगांव में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर

सुप्रीम कोर्ट में आज हो सकती है जम्मू‑कश्मीर के राज्य दर्जे पर सुनवाई
वकील

सुप्रीम कोर्ट में आज हो सकती है जम्मू‑कश्मीर के राज्य दर्जे पर सुनवाई

दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट में भ्रष्ट जजों की गिनती भूलने का आरोप लगाया
वकील

दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट में भ्रष्ट जजों की गिनती भूलने का आरोप लगाया

सीईसी की आजीवन प्रतिरक्षा: जवाबदेही से दूर एक खतरनाक कदम
वकील

सीईसी की आजीवन प्रतिरक्षा: जवाबदेही से दूर एक खतरनाक कदम

लाइक्स की चाह में सड़क पर स्टंट करने वाले नाबालिग को नहीं मिली जमानत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सत्र न्यायालय का आदेश बरकरार रखा
वकील

लाइक्स की चाह में सड़क पर स्टंट करने वाले नाबालिग को नहीं मिली जमानत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सत्र न्यायालय का आदेश बरकरार रखा

2000 से अधिक नागरिकों ने CJI से SIR प्रक्रिया पर स्वयं‑मोटु कार्यवाही की मांग की
वकील

2000 से अधिक नागरिकों ने CJI से SIR प्रक्रिया पर स्वयं‑मोटु कार्यवाही की मांग की

शिवहर में निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए जागरूकता अभियान
वकील

शिवहर में निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए जागरूकता अभियान

ताज़ा ख़बरें