कानून समान, जाति नहीं: बैरिस्टर सिंह ने जमुई केस में निष्पक्ष न्याय की पुकार
जमुई में नाबालिग छात्रों के खिलाफ अभद्रता के आरोपों पर जेडीयू प्रवक्ता बैरिस्टर सिंह ने कहा कि अपराध की कोई जातीय पहचान नहीं होती और सभी के खिलाफ कानून के आधार पर सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से सबूतों के आधार पर निष्पक्ष जांच और आरोपियों को बिना किसी भेदभाव के गिरफ्तार करने की मांग की, साथ ही सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए इस मुद्दे को जातीय रंग न देने की चेतावनी दी।

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
‘अपराधियों की कोई जाति नहीं होती, कानून के आधार पर हो कार्रवाई’, जदयू प्रवक्ता बैरिस्टर सिंह ने कहा
बैरिस्टर सिंह, जदयू जिला प्रवक्ता | Prabhat Khabar Network
Sasaram News : बैरिस्टर सिंह ने जमुई मामले पर कहा कि अपराध की कोई जाति नहीं होती. उन्होंने कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया.
Sasaram News : बैरिस्टर सिंह ने जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित अभद्रता और मारपीट के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की गयी है.
तेजस्वी यादव के बयान का भी किया जिक्र
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाये थे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेजस्वी यादव ने जमुई की घटना को लेकर सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.
जाति के आधार पर नहीं, कानून के अनुसार हो कार्रवाई
बैरिस्टर सिंह ने कहा कि यदि कुशवाहा समाज का कोई व्यक्ति भी इस प्रकार के अपराध में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से अपराधियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही.
अपराध को जातीय रंग देने से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की बात
उन्होंने कहा कि अपराध की घटनाओं को जातीय रंग देने से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है. सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को अपराध के मामलों में पीड़ित के साथ खड़े होकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए.
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‘कानून सभी के लिए समान है’
बैरिस्टर सिंह ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है. अपराधी चाहे किसी भी जाति या समुदाय से संबंधित हो, उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिस को किसी भी मामले में आरोपी की जातीय पहचान के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए.
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