शिव-सेना यूबीटी ने लोकसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दामन किया
शिव-सेना यूबीटी ने लोकसभा स्पीकर द्वारा अपने छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने का फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।

सौजन्य से:- Live Law
शिव-सेना यूबीटी ने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा अपने 6 सांसदों के शिंदे सेना में विलय को मंजूरी देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
डेबी जैन
21 जुलाई 2026 11:05 पूर्वाह्न IST
शिवसेना के उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट ने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा अपने 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी देने के खिलाफ मंगलवार (21 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
इस मामले का उल्लेख वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष किया और याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की।
जैसे ही अदालत ने तात्कालिकता के बारे में पूछा, कामत ने कहा, "संसद में एक राजनीतिक दल के रूप में मेरा कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। ये सांसद मेरे साथ नहीं हैं। अध्यक्ष ने किसी अन्य पार्टी के साथ उनके विलय को मान्यता दे दी है। और यह इस संसद सत्र के लिए है।"
जिस पर अदालत ने कहा, "वादा नहीं कर सकते [कल या शुक्रवार को सूचीबद्ध]। देखेंगे।"
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह शिव सेना यूबीटी सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट के नेतृत्व वाली शिव सेना में विलय को मंजूरी दे दी थी। सांसद हैं संजय देशमुख (यवतमाल), संजय जाधव (परभणी), संजय दीना पाटिल (मुम्बज नॉर्थ ईस्ट), नागेश पाटिल-अष्टीकर (हिंगोली), ओमप्रकाश राजेनिम्बलकर (धाराशिव) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी)।
शिवसेना यूबीटी के पास अब लोकसभा में केवल तीन सांसद होंगे।
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